National Mango Day 2026:1,500 से ज्यादा किस्में, 228 लाख टन उत्पादन... भारत को क्यों कहा जाता है 'मैंगो किंग', आम से जुड़े हैरान करने वाले तथ्य

भारत दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है। जानिए 22 जुलाई को राष्ट्रीय आम दिवस क्यों मनाया जाता है, भारत को 'मैंगो किंग' क्यों कहा जाता है, आम की सबसे लोकप्रिय किस्में, फायदे और निर्यात से जुड़ी पूरी जानकारी।
1,500 से ज्यादा किस्में, 228 लाख टन उत्पादन... भारत को क्यों कहा जाता है 'मैंगो किंग', आम से जुड़े हैरान करने वाले तथ्य
22 जुलाई को राष्ट्रीय आम दिवस मनाया जाता है। खास बात ये कि दुनिया के कुल आम उत्पादन का लगभग 43 प्रतिशत हिस्सा अकेले भारत में होता है।

मैंगो डे विशेष। भारत में आम सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि भावनाओं, परंपराओं और स्वाद का हिस्सा है। गर्मियों की शुरुआत होते ही बाजार दशहरी, लंगड़ा, चौसा, अल्फांसो, केसर और हिमसागर जैसे आमों से भर जाते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर किसी का पसंदीदा फल आम ही होता है। यही वजह है कि इसे फलों का राजा कहा जाता है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है। यहां 1,500 से ज्यादा किस्मों के आम पाए जाते हैं और दुनिया के कुल आम उत्पादन का लगभग 43 प्रतिशत हिस्सा अकेले भारत में होता है। इसके बावजूद भारत का ताजा आम निर्यात अभी भी काफी कम है। हर साल 22 जुलाई को राष्ट्रीय आम दिवस (National Mango Day) मनाया जाता है। आइए जानते हैं कि यह दिन क्यों खास है, भारत में आम का महत्व क्या है और मध्य प्रदेश का आम उत्पादन में कितना योगदान है।

राष्ट्रीय आम दिवस कब मनाया जाता है?

हर साल 22 जुलाई को राष्ट्रीय आम दिवस मनाया जाता है। साल 2026 में यह दिन बुधवार को पड़ रहा है। हालांकि यह कोई सरकारी अवकाश नहीं है, लेकिन दुनियाभर में आम प्रेमी इस दिन को खास तरीके से मनाते हैं। कई जगह मैंगो फेस्टिवल, फूड फेस्ट और आम से जुड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं।

क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय आम दिवस?

राष्ट्रीय आम दिवस का उद्देश्य दुनिया के सबसे पसंदीदा फलों में शामिल आम का सम्मान करना है। यह दिन आम के स्वाद, उसकी अलग-अलग किस्मों, भारतीय संस्कृति में उसके महत्व और उससे बनने वाले स्वादिष्ट व्यंजनों का उत्सव माना जाता है। इस दिन लोग आम से बने जूस, शेक, आइसक्रीम, आमरस, चटनी, अचार और मिठाइयों का आनंद लेते हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग अपनी पसंदीदा मैंगो रेसिपी और तस्वीरें साझा करते हैं।

/img/99/1784701570598

भारत को क्यों कहा जाता है 'मैंगो किंग'?

भारत दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है। दुनिया के कुल आम उत्पादन का करीब 43 प्रतिशत हिस्सा भारत में होता है। देश में 1,500 से अधिक किस्मों के आम पाए जाते हैं। हर साल 228 लाख टन से ज्यादा आम का उत्पादन होता है। उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात और तेलंगाना प्रमुख उत्पादक राज्य हैं। भारत में आम केवल खेती का हिस्सा नहीं, बल्कि संस्कृति, त्योहारों और परंपराओं से भी जुड़ा हुआ है।

यह भी पढ़ें: UP News: यूपी मैंगो फेस्टिवल 2026 का आगाज, आकर्षण का केंद्र बनीं अनोखी वैरायटी

भारत की सबसे लोकप्रिय आम की किस्में

भारत में कई तरह के आम उगाए जाते हैं। इनमें सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली किस्में आम्रपाली, अल्फांसो, दशहरी, लंगड़ा, चौसा, केसर, हिमसागर, तोतापुरी, सफेदा (बंगनपल्ली), नीलम और मालदा है। हर किस्म का स्वाद, रंग और खुशबू अलग होती है। यही वजह है कि भारतीय आमों की दुनिया भर में अलग पहचान है।

/img/99/1784701572743

इतना उत्पादन... फिर निर्यात इतना कम क्यों?

भारत आम उत्पादन में दुनिया में पहले स्थान पर है, लेकिन निर्यात के मामले में काफी पीछे है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने केवल 29,938 टन ताजा आम विदेश भेजा। यह कुल उत्पादन का लगभग 0.13 प्रतिशत ही है।

यह भी पढ़ें: फलों में रंग के खतरे : कपड़े और चमड़ा रंगने वाले केमिकल फलों को बना रहे ‘जहरीला’

इसके पीछे कई कारण हैं 

  • भारत में लगभग 99 प्रतिशत आम देश के अंदर ही खा लिया जाता है।
  • कई देशों के गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों को पूरा करना आसान नहीं होता।
  • कोल्ड स्टोरेज और कोल्ड चेन की कमी।
  • बेहतर पैकेजिंग और प्रोसेसिंग की जरूरत।
  • फल मक्खी (Fruit Fly) जैसी समस्याएं।

आम की खेती का हजारों साल पुराना इतिहास

भारतीय उपमहाद्वीप में आम की खेती का इतिहास करीब 4,000 से 5,000 वर्ष पुराना माना जाता है। बौद्ध भिक्षु आम को दक्षिण-पूर्व एशिया तक लेकर गए। बाद में यूरोपीय व्यापारियों ने इसे अफ्रीका, ब्राजील और दुनिया के अन्य देशों तक पहुंचाया। आज दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में आम की खेती होती है, लेकिन उत्पादन के मामले में भारत अब भी सबसे आगे है।

/img/99/1784701575186

मध्य प्रदेश में भी खूब होती है आम की खेती

मध्य प्रदेश भी आम उत्पादन करने वाले प्रमुख राज्यों में शामिल है। प्रदेश के खरगोन, बड़वानी, धार, खंडवा, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, नरसिंहपुर, जबलपुर और नर्मदापुरम जैसे जिलों में बड़े पैमाने पर आम की खेती की जाती है। मालवा और निमाड़ क्षेत्र का आम अपने स्वाद और मिठास के लिए जाना जाता है। यहां उगने वाले दशहरी, चौसा, केसर और लंगड़ा की बाजार में अच्छी मांग रहती है।

यह भी पढ़ें: समर बुफे में शामिल हुए मैंगो जेलाटो, हंग कर्ड सलाद, कोल्ड कुकुंबर सूप और कैरी पना शोरबा

MP के किसानों के लिए क्यों अहम है आम?

मध्य प्रदेश में हजारों किसान आम की खेती से अपनी आजीविका चलाते हैं। अगर किसानों को बेहतर कोल्ड स्टोरेज, आधुनिक पैकेजिंग और निर्यात की सुविधा मिले तो प्रदेश का आम देश ही नहीं, विदेशों में भी नई पहचान बना सकता है। गर्मियों के मौसम में कई शहरों में आम महोत्सव भी आयोजित किए जाते हैं, जहां अलग-अलग किस्मों के आम लोगों को आकर्षित करते हैं।

आम खाने के फायदे

आम स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद है।

  • विटामिन A और C का अच्छा स्रोत।
  • शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है।
  • आंखों और त्वचा के लिए लाभदायक।
  • पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।
  • फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है।

आम खाते समय रखें ये सावधानियां

  • आम खाने से पहले उसे अच्छी तरह धो लें।
  • कटे हुए आम को लंबे समय तक बाहर न रखें।
  • डायबिटीज के मरीज डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही आम खाएं।
  • एक बार में जरूरत से ज्यादा आम खाने से बचें।

क्या आप जानते हैं?

  • भारत दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है।
  • दुनिया के हर 10 आमों में से करीब 4 आम भारत में उगते हैं।
  • भारत में 1,500 से ज्यादा किस्मों के आम मिलते हैं।
  • दुनिया के 100 से अधिक देशों में आम की खेती होती है।
  • भारत में हर साल 228 लाख टन से ज्यादा आम का उत्पादन होता है
Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

Latest Posts