कांग्रेस से बोले- पूरा वंदे मातरम् गाओ... खुद गाने की बारी आई तो छंदों पर अटके बीजेपी नेता !

इंदौर। कांग्रेस के प्रस्तावित “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम से पहले ही सियासी घमासान तेज हो गया है। कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की मौजूदगी को लेकर जहां राजनीतिक हलचल है, वहीं अब वंदे मातरम् के पूर्ण सामूहिक गान की मांग ने विवाद को और हवा दे दी है। संस्था पुरुषार्थ ने कांग्रेस के सामने सीधा सवाल खड़ा करते हुए मांग की है कि यदि कार्यक्रम विद्यार्थियों के मुद्दों को समर्पित और गैरराजनीतिक है, तो इसकी शुरुआत या समापन पूर्ण वंदे मातरम् के सामूहिक गान से क्यों नहीं किया जा सकता?
ये भी पढ़ें: इंदौर मेट्रो अब चलेगी 17 किमी-सीएम डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री खट्टर ने हरी झंडी दिखाई, सफर भी किया
संस्था पुरुषार्थ के अध्यक्ष एवं भाजपा नेता नानूराम कुमावत ने मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी को पत्र भेजकर कार्यक्रम में राष्ट्रगीत के पूर्ण सामूहिक गायन की मांग रखी है। कुमावत का कहना है कि वंदे मातरम् को राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय राष्ट्रीय भावना और स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत के रूप में देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक विद्यार्थियों के बीच इसका सामूहिक गायन देशभक्ति और राष्ट्रचेतना का संदेश देगा।
ये भी पढ़ें: सिवनी में 1.08 करोड़ की लूट का 24 घंटे में खुलासा, 7 आरोपी गिरफ्तार
पूरा वंदे मातरम् सुनाने की बारी आई तो असहज हुए कुमावत
वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर सवाल खड़े करने वाले कुमावत उस समय खुद असहज स्थिति में दिखाई दिए, जब पत्रकारों ने उनसे पूरा वंदे मातरम् गाकर सुनाने को कहा। वे पूरा गीत नहीं गा पाए। इसके बाद कुमावत ने इसका ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस की वजह से ही लोगों को वंदे मातरम् के सभी छह छंद याद नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मुद्दा किसी व्यक्ति विशेष या राजनीतिक दल पर व्यक्तिगत हमला करना नहीं है, बल्कि राष्ट्रगीत के पूर्ण सम्मान और उसके सामूहिक गायन की मांग करना है। उनका कहना है कि जब राष्ट्रसम्मान की बात हो तो इसे राजनीतिक विवाद में नहीं बदलना चाहिए।
ये भी पढ़ें: मेट्रो में सफर, बच्चों से बातचीत... 13 साल बाद SRCC पहुंचे PM मोदी, 100 रुपए का स्मारक सिक्का किया जारी
अब राहुल गांधी के सामने भी रखेंगे मांग
कुमावत ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर राहुल गांधी को भी पत्र भेजा जाएगा। उनका कहना है कि “छात्रों की गूंज” जैसे कार्यक्रम में विद्यार्थियों के बीच पूर्ण वंदे मातरम् का सामूहिक गान कराया जाता है तो इससे युवाओं में राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्यों के प्रति जागरूकता का संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कार्यक्रम वास्तव में छात्रों और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है, तो राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन किसी राजनीतिक विचारधारा का विषय नहीं होना चाहिए।
ये भी पढ़ें: भोपाल में रविवार को 6 घंटे बिजली कटौती, 35 इलाकों में सप्लाई रहेगी बंद
10 सितंबर तक जवाब, फिर आंदोलन की रणनीति
संस्था ने अपनी मांग पर 10 सितंबर तक कांग्रेस से निर्णय की अपेक्षा जताई है। कुमावत ने कहा कि यदि तय समयसीमा में मांग पर कोई सकारात्मक पहल नहीं होती है तो 11 सितंबर को बैठक बुलाकर आगे की विरोध रणनीति तय की जाएगी। कुमावत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पूर्ण वंदे मातरम् के गायन से बचती नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र का सम्मान राजनीति से ऊपर होना चाहिए।




















