केतन अग्रवाल हत्याकांड में तीसरी गिरफ्तारी, सिया गोयल-चेतन चौधरी के सहपाठी पर साजिश की जानकारी होने का शक

मुंबई। पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच के दौरान एक और नाम सामने आया है। पुलिस ने मामले में एक तीसरे आरोपी को हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नए आरोपी की पहचान रितेश हिंगे के रूप में हुई है, जो मुख्य आरोपी चेतन चौधरी का सहपाठी बताया जा रहा है। पुलिस को शक है कि रितेश को केतन की हत्या की योजना के बारे में पहले से जानकारी थी।
हत्या की योजना की जानकारी होने का दावा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 18 जून को लोहागढ़ किले में केतन अग्रवाल की हत्या की योजना के बारे में रितेश को पहले से पता था। सूत्रों का दावा है कि चेतन चौधरी और उसकी गर्लफ्रेंड सिया गोयल ने अपने सहपाठी रितेश के साथ हत्या की योजना बनाई थी। बताया जा रहा है कि तीनों के बीच हत्या को अंजाम देने के तरीके को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई थी। सूत्रों के मुताबिक, सिया और चेतन ने रितेश को कई बार अपने साथ लोहागढ़ चलने के लिए कहा था। हालांकि, रितेश ने उनके साथ जाने से इनकार कर दिया था।
हत्या के बाद चेतन और सिया के संपर्क में था?
पुलिस को शक है कि रितेश को पूरे हत्याकांड की पहले से जानकारी थी। सूत्रों के मुताबिक, केतन अग्रवाल की हत्या के बाद कथित तौर पर चेतन चौधरी अपने इस दोस्त से मिला था। वहीं, सिया गोयल के भी रितेश के संपर्क में होने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस चेतन चौधरी के फोन से मिली जानकारी के आधार पर रितेश तक पहुंची। अब पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसे हत्या की साजिश के बारे में कितनी जानकारी थी और इस पूरे मामले में उसकी भूमिका क्या थी।
बीड का रहने वाला है रितेश
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रितेश हिंगे मूल रूप से बीड जिले का रहने वाला है और बालेवाड़ी की एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है। बताया जा रहा है कि मई के आखिरी सप्ताह में वह चेतन चौधरी के संपर्क में था। अब पुलिस इस संपर्क की वजह और दोनों के बीच हुई बातचीत की जानकारी जुटा रही है। पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि रितेश को सिर्फ हत्या की योजना के बारे में जानकारी थी या उसने किसी तरह से इसमें मदद भी की थी।
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18 जून को लोहागढ़ किले में क्या हुआ था?
केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में अब पुलिस का फोकस इस बात पर भी है कि 18 जून को लोहागढ़ किले पर क्या हुआ और इस पूरी साजिश के बारे में किस-किस व्यक्ति को जानकारी थी। फिलहाल पुलिस ने रितेश को हिरासत में लिया है और उसे मामले में सह-आरोपी बनाया जा सकता है। जांच के दौरान उसके खिलाफ सामने आने वाले सबूत और उसकी भूमिका के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रितेश का नाम सामने आने के बाद केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच का दायरा बढ़ गया है। अब तक सामने आए मुख्य आरोपियों सिया गोयल और चेतन चौधरी के अलावा पुलिस इस नए नाम की भूमिका की भी जांच कर रही है।




















