Naresh Bhagoria
4 Feb 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में बारिश का ब्रेक अब खत्म होने वाला है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र के असर से 13 अगस्त से पूरे प्रदेश में तेज से अति भारी बारिश का दौर शुरू होगा। मौसम विभाग के मुताबिक अगस्त के दूसरे पखवाड़े में बारिश का सिलसिला लगातार बना रहेगा।
रविवार (11 अगस्त) को हरदा, नर्मदापुरम और बैतूल जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। अगले 24 घंटे में इन इलाकों में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं, सागर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, शहडोल, कटनी, उमरिया, डिंडौरी और बालाघाट में भी भारी बारिश की चेतावनी है।
12 अगस्त को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में भारी बारिश का अलर्ट रहेगा।
मौसम विभाग के अनुसार 13 और 14 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर सिस्टम के असर से मध्यप्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ने की संभावना है।
इस साल 16 जून को मानसून की दस्तक के बाद से प्रदेश में अब तक औसतन 28.8 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य औसत 21.5 इंच है। यानी, अब तक 7.3 इंच ज्यादा पानी गिरा है। ग्वालियर, गुना, निवाड़ी और मंडला जैसे जिलों में कोटा पूरा हो चुका है, जबकि इंदौर संभाग के कई जिलों में अभी भी औसत से काफी कम बारिश हुई है।
इन सभी सिस्टम्स के एक साथ सक्रिय होने से आने वाले दिनों में पूर्वी और दक्षिणी मध्यप्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ जाएंगी।
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