
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज इलाके में मंगलवार शाम इमारत गिरने की घटना में दो महिलाओं की मौत हो गई। इन दोनों महिलाओं बेगम हैदर (72) और उनकी बहू उजमा (46) को आज सुबह ही मलबे से निकाला गया था। उजमा एक अंग्रेजी अखबार में पत्रकार रह चुकी हैं। सिविल अस्पताल के सुप्रीटेंडेंट डॉक्टर आनंद ओझा ने बताया कि दोनों बुरी तरह से जख्मी हुई थीं, जिन्हें काफी मशक्कत के बाद भी बचाया नहीं जा सका।
यूपी के DGP डीएस चौहान ने बताया- हमें दो और व्यक्तियों के बारे में पता चला है। उनकी पहचान अभी स्पष्ट नहीं है। एक बैंककर्मी इमारत में किसी ग्राहक के यहां काम से आए थे। उनके साथ एक और व्यक्ति था। उन्हें भी खोजा जा रहा है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 12-12 कंपनियां बचाव कार्य में लगी हैं। PAC की भी चार कंपनियां काम में लगी हैं। इस बीच पता चला है कि 2009 में इस इमारत का निर्माण हुआ था। इमारत की दो मंजिलों को लखनऊ विकास प्राधिकरण से अनुमति नहीं मिली थी, इसके बाद भी तीन मंजिलें और बना दी गईं।
सपा विधायक का बेटा हिरासत में
डीजीपी ने बताया कि मलबा कई परतों में है। इसलिए बचाव कार्य में मुश्किल हो रही है। यह बचाव अभियान 18 घंटे से अधिक समय तक चलने की संभावना है। डीजीपी ने बताया कि इमारत ढहने के मामले में मुकदमा तैयार किया जा रहा है। अभी तक आधिकारिक रूप से किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। हालांकि, मेरठ से एसएसपी रोहित सिंह सजवाण के मुताबिक इस मामले में किठौर से सपा विधायक और पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर के बेटे नवाजिश को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। उन्हें पुलिस लखनऊ ले गई है। नवाजिश को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है।
घटिया सामग्री की वजह से हादसा
डीजीपी के मुताबिक विशेषज्ञ इमारत गिरने के कारणों की जांच कर रहे हैं। पहले बताया गया था बिल्डिंग के बेसमेंट में खुदाई हो रही थी, इस वजह से हादसा हुआ। कुछ लोगों ने इसे दिल्ली में आए भूकंप का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि असली वजह जांच के बाद सामने आएगी। प्रथम दृष्टया दिख रहा है कि इमारत का निर्माण बहुत घटिया सामग्री से किया गया था। यह एक वजह हो सकती है।
जांच कमेटी 7 दिन में देगी रिपोर्ट
डीजीपी ने बताया कि इमारत के मलबे से अब तक 16 लोगों को निकाला जा चुका है। इनमें से 2 की मौत हो चुकी है, जबकि 10 का अस्पताल में इलाज चल रहा है। 4 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। सीएम योगी के निर्देश पर कमिश्नर रोशन जैकब की अगुवाई में तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई है। इसममें लखनऊ के जॉइंट पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया और PWD विभाग लखनऊ के मुख्य अभियंता भी शामिल हैं। यह समिति जिम्मेदार लोगों को चिह्नित कर एक हफ्ते में रिपोर्ट देगी।
बिल्डर पर भी दर्ज होगी FIR
अलाया अपार्टमेंट गिरने की घटना के बीच कमिश्नर रोशन जैकब ने इसके भवन स्वामी मोहम्मद तारीफ, नवाजिश और शाहिद के साथ-साथ अपार्टमेंट के बिल्डर यजदान पर मुकदमा दर्ज कराने के भी निर्देश दिए हैं। मंडलायुक्त ने कहा है कि लखनऊ शहर में यजदान बिल्डर द्वारा बनवाई गई अन्य इमारतों को चिह्नित कर जांच की जाए और अवैध निर्माण या खराब गुणवत्ता वाले निर्माण की स्थिति में तत्काल ध्वस्त किया जाए।