चार साल बाद पुतिन की भारत यात्रा :S-400 पर होगी अब तक की सबसे बड़ी डील, दहल जाएगा पाक-चीन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4-5 दिसंबर को भारत दौरे पर आएंगे, जहां पीएम मोदी के साथ 23वीं भारत-रूस समिट में S-400 की नई डील, रक्षा सहयोग, ब्रह्मोस-2, ऊर्जा, न्यूक्लियर और स्पेस साझेदारी पर चर्चा होगी। चार साल बाद हो रही इस महत्वपूर्ण बैठक से भारत की एयर डिफेंस क्षमताओं और रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
S-400 पर होगी अब तक की सबसे बड़ी डील, दहल जाएगा पाक-चीन
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चार साल बाद भारत की यात्रा पर आ रहे हैं। आखिरी बार वे दिसंबर 2021 में भारत आए थे। इस बार 4-5 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन के बीच 23वीं वार्षिक भारत-रूस समिट आयोजित होगी। दोनों नेताओं की दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी दुनिया भर में चर्चा का विषय रही है। यूक्रेन युद्ध के बाद भी भारत-रूस संबंध मजबूत बने हुए हैं।

    डिफेंस सहयोग बैठक का मुख्य एजेंडा - नई S-400 डील

    इस समिट का सबसे बड़ा मुद्दा डिफेंस सहयोग है, खासकर S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की नई डील। भारत ने पुरानी डील के तहत 5 रेजिमेंट का ऑर्डर दिया था, जिसमें से 3 रेजिमेंट मिल चुकी हैं। अब रूस 2-3 नई रेजिमेंट की अतिरिक्त पेशकश कर रहा है।

    हथियार सप्लायर के रूप में रूस का महत्व अब भी बरकरार

    • 2009-2014: 72–76% हथियार रूस से
    • 2015-2019: 55%
    • 2020-2024: 36% (SIPRI 2025 रिपोर्ट)

    भले ही प्रतिशत कम हुआ हो, लेकिन भारत के 60-70% हथियार अब भी रूसी तकनीक पर आधारित हैं। भारत फ्रांस, अमेरिका और इजरायल से भी हथियार खरीद रहा है, लेकिन रूस के साथ पुराना भरोसेमंद रिश्ता कायम है।

    भारत-रूस के बीच चल रहे प्रमुख रक्षा प्रोजेक्ट

    • S-400 एयर डिफेंस सिस्टम (5 में से 3 रेजिमेंट तैनात)
    • सु-30 MKI लड़ाकू विमान उत्पादन (HAL में)
    • टी-90 टैंक और मिग-29 अपग्रेड
    • ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल
    • AK-203 राइफल फैक्ट्री (अमेठी)
    • कामोव Ka-226 हेलिकॉप्टर निर्माण
    • नौसेना के लिए उन्नत स्टेल्थ फ्रिगेट

    नई S-400 डील: तकनीक ट्रांसफर में बड़ी बढ़ोतरी

    नई पेशकश में रूस 50% तक तकनीक ट्रांसफर देने को तैयार है-

    • भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) मिसाइलें बनाएगी
    • 48N6 मिसाइल का उत्पादन भारत में
    • रखरखाव के 50% स्पेयर पार्ट्स भी यहीं बनेंगे

    रूसी कंपनी रोस्टेक ने वादा किया है कि इस बार कोई देरी नहीं होगी।

    S-400 का दम: 'ऑपरेशन सिंदूर' में पाकिस्तान पर भारी

    • मई 2025 में भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान-
    • पंजाब के आदमपुर बेस से S-400 ने 314 किमी दूर पाकिस्तानी विमान मार गिराया
    • एक साथ 300+ टारगेट ट्रैक किए
    • कुल 7 पाकिस्तानी विमान ढेर
    • 5 मिनट में ऑपरेशन के लिए तैयार

    इसी वजह से भारतीय वायुसेना इसे ‘सुदर्शन चक्र’ कहती है। चीन और पाकिस्तान दोनों बॉर्डर पर S-400 सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।

    पुतिन-मोदी वार्ता में और क्या-क्या मुद्दे होंगे?

    • रूस से सस्ता क्रूड ऑयल और LNG बढ़ाने पर चर्चा
    • कुडनकुलम न्यूक्लियर प्लांट के नए यूनिट
    • गगनयान मिशन में रूस का सहयोग
    • GLONASS नेविगेशन सिस्टम
    • ब्रह्मोस-2 हाइपरसोनिक मिसाइल प्रोजेक्ट
    • 5th जेनरेशन Su-57 फाइटर जेट
    • 10 लाख AK-203 राइफल निर्माण में तेजी

    भारत रूस को क्यों नहीं छोड़ सकता?

    भारतीय सेना के पुराने हथियारों के स्पेयर पार्ट्स रूस ही देता है।

    रूसी हथियार-

    • सस्ते
    • भरोसेमंद
    • बड़े पैमाने पर उपलब्ध

    अमेरिका या फ्रांस के दबाव के बावजूद रूस ने भारत का साथ कभी नहीं छोड़ा। पुरानी रूसी प्रणालियाँ आने वाले 20-25 साल और चलेंगी।

    यह यात्रा क्यों अहम है?

    • यह दौरा भारत की वायु रक्षा को नई मजबूती देगा।
    • नई S-400 रेजिमेंट के रास्ते खुलेंगे।
    • टेक्नोलॉजी ट्रांसफर से ‘मेक इन इंडिया’ को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
    • पाकिस्तान और चीन को स्पष्ट संदेश जाएगा कि भारत अपनी सुरक्षा को लेकर समझौता नहीं करेगा।
    Shivani Gupta
    By Shivani Gupta

    शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...

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