Aakash Waghmare
19 Jan 2026
शिवसेना (ठाकरे गुट) के सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र में हो रहे नगरपालिका और नगर पंचायत चुनावों में पैसों के भारी इस्तेमाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी दौर में हो रहा लेन-देन लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है और चुनाव आयोग को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए।
संजय राउत ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महायुति सरकार की ओर से बड़े पैमाने पर धनबल का प्रयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि शिंदे गुट बीजेपी की बनाई हुई टीम है, जो पैसे के सहारे राजनीति कर रही है। राउत के अनुसार, कल चुनाव है और मंत्री कहते हैं कि 1 तारीख को ‘लक्ष्मी दर्शन’ होगा… चुनाव आयोग इसे गंभीरता से ले।
महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ते तनाव के बीच राउत ने बड़ा दावा किया कि एकनाथ शिंदे के 35 विधायक जल्द ही उनका साथ छोड़ने वाले हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की नियुक्ति भी इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए की गई है। राउत ने आरोप लगाया कि शिंदे गुट शिवसेना नहीं है, और वे खुद को दिल्ली के दो नेताओं का समर्थित समझते हैं, जबकि वे किसी के भी नहीं हैं।
संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में नगरपालिका और नगर पंचायत चुनावों में पहले कभी इतना पैसा नहीं बहाया गया था। उनके अनुसार, एक-एक उम्मीदवार 10–15 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। कई उम्मीदवारों ने 5–6 हेलिकॉप्टर तक लगा दिए हैं। सत्ता में शामिल तीन दल खुद आपसी प्रतिस्पर्धा में फंसे हैं। उन्होंने सवाल उठाया, “इतने करोड़ रुपये खर्च करके किसके लिए लड़ रहे हो? राज्य की चुनावी संस्कृति पूरी तरह बर्बाद हो गई है। खर्च की कोई मर्यादा ही नहीं रही।”
करीब एक महीने बीमारी के कारण राजनीति से दूर रहने के बाद संजय राउत फिर से सक्रिय हुए और सामने आते ही शिंदे गुट व बीजेपी पर तीखे हमले बोले। उन्होंने अपने बयान को दोहराते हुए कहा- शिंदे गुट के 35 विधायक पार्टी छोड़ेंगे, यह तय है।