Geeta Mahotasav :डॉ. मोहन यादव बोले-गीता अद्भुत ग्रंथ, इसमें जीवन की हर जिज्ञासा का समाधान  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Dr. Mohan Yadav) ने कहा है कि गीता हमें कर्मवाद की शिक्षा देती है, यह मोह माया को तजकर कर्तव्य पथ को चुनना सिखाती है। गीता में हमारी सभी जिज्ञासाओं का समाधान है। जिन स्थानों पर भगवान श्रीकृष्ण के चरण पड़े, मप्र सरकार (MP Government) उन्हें तीर्थ बनाएगी।
डॉ. मोहन यादव बोले-गीता अद्भुत ग्रंथ, इसमें जीवन की हर जिज्ञासा का समाधान  
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    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Dr. Mohan Yadav)  सोमवार को राजधानी के रवींद्र भवन में आयोजित गीता जयंती महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कहा है कि श्रीमद्भगवद्गीता एक अद्भुत, अनुपम और पवित्र ग्रंथ है। गीता के अध्ययन मात्र से ही मनुष्य के जीवन के सभी प्रश्नों और सभी जिज्ञासाओं का समाधान हो जाता है। उन्होंने कहा कि गीता का ज्ञान ही सम्पूर्ण सृष्टि के समग्र ज्ञान और चेतना का मूल आधार है। 

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    गीता के 15वें अध्याय का सामूहिक पाठ

    डॉ. यादव (Dr. Mohan Yadav) ने कहा कि कर्म करते हुए भी फल की इच्छा नहीं करनी चाहिए, यही अलौकिक धर्म का मार्ग है, जिससे मनुष्य मोक्ष और परम शांति की ओर बढ़ता है। भगवान श्रीकृष्ण ने विश्व समुदाय को कर्मयोग के जरिए ही अपने धर्म का पालन करने की प्रेरणा दी। गीता महोत्सव में श्रीकृष्ण आराधना एवं आचार्यों,संतों की सन्निधि में 11000 कृष्णमार्गियों, कृष्ण भक्तों, बटुकों, स्कूली विद्यार्थियों द्वारा एक स्वर में श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सुमधुर पाठ किया गया।

    तीन लाख लोगों के गीता पाठ का बनेगा रिकॉर्ड

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि गीता जयंती के पावन पर्व पर ऐसा लग रहा है कि गोपाल कृष्ण हमारे आसपास ही विद्यमान हैं। बीते वर्ष लाल परेड ग्राउंड पर 3500 विद्यार्थियों ने एक साथ गीता पाठ कर अद्भुत रिकॉर्ड बनाया था। इस गीता जयंती पर प्रदेश के सभी 55 जिलों, 10 संभागों और 313 विकासखंडों में करीब 3 लाख से अधिक गीता पाठियों के 15वें अध्याय के सस्वर पाठ से अद्वितीय रिकॉर्ड बनेगा। 

    श्रीकृष्ण लीलाओं से जुड़े स्थल विकसित करेंगे

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े प्रत्येक स्थान को तीर्थस्थल के रूप में विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के चरण जहां-जहां पड़े उसे रेखांकित करते हुए 'श्रीकृष्ण पाथेय' का रूप दिया जा रहा है। इसी के साथ प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में सामुदायिक भवनों की आवश्यकता की पूर्ति करने वाले गीता भवन तैयार किए जा रहे हैं। प्रदेश का पहला गीता भवन इंदौर के राजवाड़ा में बनकर तैयार है। इसका लोकार्पण किया जा रहा है।  

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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