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Tiger Census :प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में शुरू हुई बाघों की गिनती, सात दिन चलेगी

प्रदेश में बाघों की गणना (Tiger Census) का काम सोमवार से शुरू हो गया है। चार साल बाद हो रही इस गिनती के लिए वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के अलावा वॉलंटियर्स भी सहयोग कर रहे हैं। यह गणना छह दिन और चलेगी।
प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में शुरू हुई बाघों की गिनती, सात दिन चलेगी
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। टाइगर सेंसस-2026 (Tiger Census) के पहले चरण के तहत सोमवार को कान्हा, बांधवगढ़, पेंच और रातापानी सहित प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में बाघों की गणना का काम शुरू हुआ। पेंच टाइगर रिजर्व के बायसन बीट में सुबह आठ बजे मेल टाइगर देखा गया। इसके अलावा कई जगह पगमार्क और उनकी बीट भी देखने को मिली।  उधर, बाघों की गणना (Tiger Census) को देखते हुए सभी पार्कों में सफारी का समय सुबह 6.30 की जगह 7.30 बजे कर दिया गया है।  

    पिछली बार टाइगर स्टेट बना था मप्र

    असिस्टेंट डायरेक्टर रजनीश सिंह ने बताया कि इस प्रक्रिया में वैज्ञानिक तरीकों और कैमरा ट्रैप जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि बाघों की संख्या का सटीक अनुमान लगाया जा सके। पिछली बार 2022 की बाघ जनगणना (Tiger Census) में, मध्यप्रदेश 785 बाघों के साथ देश में ‘टाइगर स्टेट’ बना था। एक सप्ताह तक चलने वाली इस फील्ड एक्सरसाइज में वॉलंटियर्स सभी पार्क मे प्रशिक्षित फॉरेस्ट स्टाफ के साथ मिलकर फुट सर्वे, साइन इंटरप्रिटेशन, हैबिटेट मूल्यांकन, डेटा संग्रह तथा अन्य वैज्ञानिक गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं। मैदानी अमले ने डेटा अपने ऐप में संग्रहित किया।

    वॉलंटियर्स 21 से 56 साल तक के

    पेंच टाइगर रिजर्व में गणना के लिए चयनित 22 वॉलंटियर्स 13 राज्यों और 20 शहरों से आए हैं। ये पेशे से डॉक्टर, वेटरनरी डॉक्टर,ज्योतिषी, विद्यार्थी, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, शिपिंग कॉर्पोरेशन, सिविल इंजीनियर, शासकीय नौकरी एवं अन्य प्रोफेशनल्स है। वॉलंटियर्स की औसतन आयु 33 वर्ष है, जिसमें सबसे कम आयु 21 वर्ष और सबसे अधिक 56 वर्ष है। एपीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ और नोडल अधिकारी टाइगर सेंसस एल. कृष्णमूर्ति ने बताया कि यह गणना कुल सात दिन की है। सोमवार से काम शुरू हो गया है। हमारा अमला हर बीट में जाएगा।

    जंगली डॉग, बारहसिंघा, बायसन की भी होगी गिनती

    टाइगर सेनस में पहले तीन दिन मांसाहारी और बाद के 3 दिन शाकाहारी वन्यप्राणियों की गणना की जाएगी। पहले तीन दिनों में बाघ, पैंथर, जंगली डॉग सहित अन्य मांसाहारी जानवरों की गिनती होगी। वहीं, बाद के तीन दिनों में बारहसिंघा, सांभर, चीतल, नीलगाय, बायसन, जंगली सूअर सहित अन्य वन्यजीवों की गिनती की जाएगी। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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