Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

आप नेता सत्येंद्र जैन पर चलेगा मनी लॉन्ड्रिंग केस, गृह मंत्रालय को राष्ट्रपति से मिली अनुमति

Follow on Google News
आप नेता सत्येंद्र जैन पर चलेगा मनी लॉन्ड्रिंग केस, गृह मंत्रालय को राष्ट्रपति से मिली अनुमति
नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सत्येंद्र जैन पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला अब और गहरा सकता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद जैन पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस चलाने की अनुमति दे दी है। यह फैसला उनके खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों के आधार पर लिया गया है।

मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ मामला चलाने के लिए मिली स्वीकृति

गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति से सत्येंद्र जैन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला चलाने के लिए अनुमित मांगी थी, जिसके बाद राष्ट्रपति ने इसे स्वीकृति दे दी है। गृह मंत्रालय ने कहा कि ईडी द्वारा प्रदान की गई सामग्री और साक्ष्यों के आधार पर पर्याप्त प्रमाण मिले हैं, जिसके कारण जैन के खिलाफ कोर्ट में अभियोजन चलाने की मांग की गई थी।

2022 में हुई सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी

मई 2022 में ईडी ने सत्येंद्र जैन को हवाला कारोबार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। उस समय वह दिल्ली के स्वास्थ्य, बिजली और अन्य मंत्रालयों के मंत्री थे, लेकिन गिरफ्तारी के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, अक्टूबर 2023 में दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत देते हुए कहा कि सुनवाई में देरी के कारण जैन को 18 महीने की सजा के बाद जमानत मिली। वर्तमान में जैन जमानत पर बाहर हैं और ईडी ने उनके खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया है।

ईडी ने की मामले की जांच

ईडी ने अपनी जांच में पाया कि 2015-16 के दौरान, सत्येंद्र जैन ने चार कंपनियों के जरिए हवाला के माध्यम से 4.81 करोड़ रुपए की फर्जी आवास प्रविष्टियाँ (हवाला) प्राप्त की थीं। इन राशियों का इस्तेमाल कृषि भूमि खरीदने या दिल्ली के आसपास कृषि भूमि के लिए लिए गए ऋण के पुनर्भुगतान में किया गया था। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया था कि जैन ने कोलकाता स्थित एंट्री ऑपरेटरों को नकद राशि हस्तांतरित की थी।

आय से अधिक संपत्ति का मामला

सत्येंद्र जैन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला 2017 में सीबीआई द्वारा आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में दर्ज की गई एफआईआर से उत्पन्न हुआ था। 2018 में सीबीआई ने उनके खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया, जिसमें कहा गया कि जैन की आय ज्ञात स्रोतों से 217% अधिक थी। यह संपत्ति लगभग 1.47 करोड़ रुपए की थी, जो उनके स्रोतों से हासिल की गई संपत्ति से काफी अधिक थी। ये भी पढ़ें- X का Grok 3 AI लॉन्च, सभी यूजर्स के लिए होगी फ्री, एलन मस्क ने इसे धरती का सबसे स्मार्ट AI बताया
Wasif Khan
By Wasif Khan

फिलहाल जुलाई 2024 से पीपुल्स अपडेट में सब-एडिटर हूं। बीते 3 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हूं। 12वीं म...Read More

Latest Posts