Manisha Dhanwani
17 Jan 2026
भोपाल( कर्मचारियों ने लंबित 10 सूत्री मांगों को लेकर राज्य मंत्रालय के सामने उग्र प्रदर्शन के बाद काम बंद का अल्टीमेटम दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि बार-बार के आश्वासन से भरोसा नहीं रहा, बल्कि अब लिखित में आदेश चाहिए।
मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक, राजकुमार पटेल और आशीष सोनी की अगुवाई में वल्लभ भवन गेट-6 के सामने प्रदर्शन कर मंत्रालय तथा प्रदेश के अन्य कर्मचारियों की लंबित समस्याओं को उठाया। इसमें तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, निगम मंडल कर्मचारी संघ, परिवहन कर्मचारी संघ, वन कर्मचारी संघ आदि भी शामिल रहे। सुधीर नायक ने कहा कि खरमास समाप्त होने का इंतजार किया जा रहा था, अब यह आंदोलन का प्रथम सांकेतिक चरण था। यदि इसके बाद भी सकारात्मक परिणाम नहीं आये तो अगले माह विधानसभा सत्र के दौरान और बड़ा आंदोलन होगा। कर्मचारी सभा को सपनि कर्मचारी संघ के श्याम सुंदर शर्मा, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के विजय मिश्र, आशीष सोनी, राजकुमार पटेल, हरिशरण द्विवेदी, ठााकुरदास प्रजापति, संतोष बड़ोदिया, श्रीमती दीप्ति बच्चानी, विकास नोरंग, हरीश बाथम आदि ने संबोधित किया।
कर्मचारियों की लंबित मांगें
-मंत्रालयीन कर्मचारियों को चौथा समयमान वेतनमान दिया जाए।
-मंंत्री स्थापना और मंत्रालय स्थापना में लगे आकस्मिकता निधि कर्मचारियों को नियमित करने हेतु 2023 में ली गई परीक्षा का परिणाम घोषित किया जाए या पुन: परीक्षा ली जाए।
-लंबित 03% मंहगाई भत्ता का अविलंब भुगतान किया जाए।
-स्थायीकर्मियो और आउटसोर्स कर्मचारियों को डाइंग काडर घोषित करने संबंधी आदेश निरस्त करके स्थायी कर्मियों को नियमित किया जाए। आउटसोर्स को सीधी भर्ती में अनुभव के अंक दिए जायें।
-10 वर्ष से बंद पदोन्नति की समस्या का हल निकालने हेतु राज्य प्रशासनिक सेवा और लेखा सेवा की भांति समयमान वेतनमान के साथ उच्च पदनाम दिया जाए।
-मंत्रालयीन लिपिकों के तृतीय समयमान में तृतीय पदोन्नति का वेतनमान दिया जाए।
-पुरानी पेंशन बहाल की जाए।
-70%-80% वेतन देने का आदेश निरस्त करने संबंधी हाईकोर्ट का निर्णय लागू किया जाए।
-2012 में मंत्री स्थापना से मंत्रालय स्थापना में आए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पे प्रोटेक्शन का लाभ दिया जाए।
-केंद्र सरकार की भांति फुल पेंशन हेतु अर्हतादायी सेवा 25 वर्ष की जाए।