PlayBreaking News

Board Exam : हिंदी की जगह ली संस्कृत, अब नए पैटर्न से टेंशन में स्टूडेंट

बोर्ड परीक्षा के पहले हिंदी की जगह संस्कृत विषय का चयन करने वाले विद्यार्थियों को नई परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। दरअसल, पैटर्न बदलने से बच्चों को सरल लगने वाला विषय कठिन लगने लगा है। परीक्षा संबंधी अन्य समस्याओं के लिए हेल्पलाइन पर इससे संबंधित करीब 300 कॉल रोज पहुंच रहे हैं।
Follow on Google News
 हिंदी की जगह ली संस्कृत, अब नए पैटर्न से टेंशन में स्टूडेंट
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    पल्लवी वाघेला, भोपाल। मैंने हिंदी की जगह संस्कृत लिया था, क्योंकि इसमें लिखना कम पड़ता था और चॉइस भी ज्यादा रहती थी, लेकिन इस साल पैटर्न बदल गया है। प्री-बोर्ड में नया पैटर्न देखकर तनाव में हूं। क्या पेपर बदलने या पुराने पैटर्न की कोई संभावना है...? यह प्रश्न दसवीं के छात्र ने CBSE हेल्पलाइन पर पूछा। न केवल CBSE, बल्कि माशिमं हेल्पलाइन पर भी परीक्षा को लेकर भी स्टूडेंट के कॉल्स लगातार आ रहे हैं। इसमें भी 10वीं के स्टूडेंट के कॉल 12वीं के विद्यार्थियों के मुकाबले अधिक हैं। सबसे अधिक सवाल, बदले परीक्षा स्वरूप, 10वीं में दो परीक्षा के ऑप्शन और साथ ही तनाव कम करने के तरीके को लेकर हैं। हेल्पलाइन पर रोज औसत 300 कॉल्स दर्ज किए जा रहे हैं। बता दें, बोर्ड परीक्षाएं फरवरी में शुरू होने वाली हैं।

    पेरेंट्स की समस्या सोशल मीडिया 

    हेल्पलाइन पर अभिभावक भी कॉल कर रहे हैं। उनकी सबसे बड़ी शिकायत बच्चों के सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने को लेकर है। इसकी लत छुड़वाने और तनाव को कम करने के टिप्स लेने के लिए अभिभावक कॉल कर रहे हैं। इसके अलावा डाइट प्लान और बच्चों के लिए समय प्रबंधन संबंधी टिप्स भी अभिभावक ले रहे हैं।

    सवाल और जवाब

    सवाल : बदले पेपर पैटर्न से डर लग रहा है क्या करू?

    जवाब : सैंपल पेपर को फॉलो करें, अपनी अंतिम तैयारी इसी के आधार पर करें। डरें नहीं,बल्कि सेंटेंस बनाने की प्रैक्टिस करें। इससे आपको आसानी होगी।

    सवाल : समय कम बचा है समझ नहीं आ रहा कि क्या पढ़े? और क्या न पढ़े?

    जवाब : तनाव न लें, जो आपने पढ़ा है उसे अच्छे से रिवाइज करें। शॉर्ट नोट्स की मदद से ज्यादा टॉपिक को कवर करें। साथ ही आप पुराने पेपर को सॉल्व करके भी तैयारी कर सकते हैं।

    सवाल : घरवालों के प्रेशर में आकर स्टैंडर्ड मैथ्स ले लिया है। अब डर लग रहा है कि पेपर मुश्किल आएगा?

    जवाब : जी, इसमें स्टैंडर्ड क्वेश्चन पूछे जाते हैं, लेकिन पेपर का मुश्किल या ईजी होना आपकी प्रैक्टिस पर निर्भर करता है। कई लोगों को बेसिक मैथ्स का पेपर भी टफ लग सकता है।

    सवाल : प्री-बोर्ड में पेपर में सब आते हुए भी समय कम पड़ गया? डर रही हूं आगे भी ऐसा न हो?

    जवाब : अपनी राइटिंग स्पीड पर ध्यान दें। इसका अभ्यास करें। साथ ही अनावश्यक चीजें लिखने से बचें। जितने नंबर का प्रश्न है उस हिसाब से उत्तर लिखें

    एक्सपर्ट व्यू : बच्चों के साथ रहे

    बीते कुछ सालों में यह देखने में आ रहा है कि बच्चे खुद ही अपने आप को कॉम्पिटिशन में झोंक रहे हैं। वो टॉपर की श्रेणी में आना और पॉपुलैरिटी चाहते हैं, लेकिन उस स्तर की उनकी तैयारी नहीं है। इससे तनाव व अवसाद की स्थिति पैदा हो रही है।  अभिभावक भी बच्चों पर अधिक दबाव न डालें, बच्चों के साथ रहें और उनके बिहेवियर में बदलाव आता है तो उनसे बात करें और उनकी बात को ध्यान से सुनें।

    दिव्या दुबे मिश्रा, काउंसलर 

    यहां करें संपर्क

    सीबीएसई हेल्पलाइन: 1800-11-8004

    माशिमं हेल्पलाइन: 1800-233-0175

    किशोर काउंसलिंग के लिए वंद्रेवाला फाउंडेशन : 9999666555

    चाइल्ड हेल्प : 1098

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts