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ऑनलाइन सुविधा :गाड़ी का लोन पूरा होने पर अब न बैंक जाना पड़ेगा, न ही RTO

मप्र में अब वाहनों का लोन पूरा चुकाने के बाद एनओसी के लिए बैंक और RTO के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। परिवहन विभाग ने हाइपोथिकेशन हटाने की प्रक्रिया ऑनलाइन करने का फैसला किया है। इससे वाहन क्रेताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
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गाड़ी का लोन पूरा होने पर अब न बैंक जाना पड़ेगा, न ही RTO
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    आशीष शर्मा, ग्वालियर। लोन पर गाड़ी लेने वालों के लिए अच्छी खबर है। अब लोन चुकता होने के बाद एनओसी लेने के लिए बैंक और परिवहन कार्यालय (RTO)  के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अब परिवहन विभाग रजिस्ट्रेशन कार्ड से बैंक का नाम (हाइपोथिकेशन) हटवाने की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने जा रहा है। 

    इस प्रोसेस में नहीं लगेगी कोई फीस

    परिवहन विभाग के निर्णय से गाड़ी मालिक लोन की आखिरी किस्त जमा होने के बाद हाइपोथिकेशन (दृष्टिबंधक) हटाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर पाएंगे और पोर्टल के जरिए बैंक के पास जानकारी पहुंच जाएगी। बैंक से आरटीओ कार्यालय में एनओसी आने के बाद गाड़ी मालिक को डिजिटल रजिस्ट्रेशन कार्ड जारी कर दिया जाएगा।  इस प्रक्रिया के लिए कोई फीस नहीं लगेगी। अभी परिवहन विभाग 50 सेवाओं को ऑनलाइन प्रदान कर रहा है।

    हर साल 90 फीसदी कारें उठती हैं लोन पर

    प्रदेश में हर साल 10-12 लाख कारें खरीदी जाती हैं।  2025 में 12.54 लाख कारें बिकीं। इनमें 5 लाख से अधिक कीमत की कारें लोन पर थीं।  सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने वाहन पोर्टल पर हाइपोथिकेशन हटाने के अधिकार बैंकों और फाइनेंस कंपनियों को दे दिए हैं।  

    अब तक यह थी प्रक्रिया

    • लोन पूरा होने के बाद  बैंक से एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) लेनी पड़ती थी।
    • आरटीओ में फॉर्म 35, पुराना रजिस्ट्रेशन कार्ड और एनओसी जमा करनी होती थी। इसके बाद ही नया रजिस्ट्रेशन कार्ड जारी होता था। उसके बाद ही वाहन चालक वाहन बेच पाते थे। 

    प्रक्रिया ऑनलाइन हो रही है

    लोन चुकाने के बाद रजिस्ट्रेशन कार्ड से नाम हटवाने के लिए न बैंक जाना होगा, न आरटीओ। प्रक्रिया ऑनलाइन होने जा रही है।

    विनोद भार्गव, संयुक्त परिवहन आयुक्त, मप्र 

    ऑनलाइन सेवा से राहत मिलेगी

    लोन पूरा होने के बाद रजिस्ट्रेशन कार्ड से नाम हटवाने के लिए बैंक-आरटीओ के चक्कर लगाने पड़ते हैं। सेवा को ऑनलाइन करने से राहत होगी।

    प्रो. राजेंद्र खटीक, प्रोफेसर, जेयू

    चेसिस एक्सटेंशन वाली स्लीपर बसों के पंजीयन होंगे निरस्त

    परिवहन विभाग ऐसी स्लीपर बसों पर कार्रवाई की तैयारी में है, जिनके फ्रेम (चेसिस) अवैध रूप से बढ़ाए गए हैं। दरअसल, बस संचालकों द्वारा चेसिस एक्सटेंशन इसलिए किया जाता है, ताकि सीटें बढ़ाई जा सकें।  विभाग का कहना है कि चेसिस में ज्यादा एक्सटेंशन दुर्घटना का कारण बन सकता है। जांच में जिन बसों में चेसिस का एक्सटेंशन पाया जाएगा, उन पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी निर्देश हैं कि जिन बसों में ड्राइवर और कंडक्टर के लिए पार्टिशन बनाए गए हैं, उन्हें भी हटवाया जाए।

    कमी मिलने पर पंजीयन निरस्त होंगे

    चेसिस एक्सटेंशन पर बनी स्लीपर बसों की जांच के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। कमी पाए जाने पर पंजीयन निरस्त किए जाएंगे।

    किरन शर्मा,  संयुक्त परिवहन आयुक्त, मप्र

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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