Manisha Dhanwani
16 Jan 2026
आशीष शर्मा, ग्वालियर। लोन पर गाड़ी लेने वालों के लिए अच्छी खबर है। अब लोन चुकता होने के बाद एनओसी लेने के लिए बैंक और परिवहन कार्यालय (RTO) के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अब परिवहन विभाग रजिस्ट्रेशन कार्ड से बैंक का नाम (हाइपोथिकेशन) हटवाने की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने जा रहा है।
परिवहन विभाग के निर्णय से गाड़ी मालिक लोन की आखिरी किस्त जमा होने के बाद हाइपोथिकेशन (दृष्टिबंधक) हटाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर पाएंगे और पोर्टल के जरिए बैंक के पास जानकारी पहुंच जाएगी। बैंक से आरटीओ कार्यालय में एनओसी आने के बाद गाड़ी मालिक को डिजिटल रजिस्ट्रेशन कार्ड जारी कर दिया जाएगा। इस प्रक्रिया के लिए कोई फीस नहीं लगेगी। अभी परिवहन विभाग 50 सेवाओं को ऑनलाइन प्रदान कर रहा है।
प्रदेश में हर साल 10-12 लाख कारें खरीदी जाती हैं। 2025 में 12.54 लाख कारें बिकीं। इनमें 5 लाख से अधिक कीमत की कारें लोन पर थीं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने वाहन पोर्टल पर हाइपोथिकेशन हटाने के अधिकार बैंकों और फाइनेंस कंपनियों को दे दिए हैं।
लोन चुकाने के बाद रजिस्ट्रेशन कार्ड से नाम हटवाने के लिए न बैंक जाना होगा, न आरटीओ। प्रक्रिया ऑनलाइन होने जा रही है।
विनोद भार्गव, संयुक्त परिवहन आयुक्त, मप्र
लोन पूरा होने के बाद रजिस्ट्रेशन कार्ड से नाम हटवाने के लिए बैंक-आरटीओ के चक्कर लगाने पड़ते हैं। सेवा को ऑनलाइन करने से राहत होगी।
प्रो. राजेंद्र खटीक, प्रोफेसर, जेयू
परिवहन विभाग ऐसी स्लीपर बसों पर कार्रवाई की तैयारी में है, जिनके फ्रेम (चेसिस) अवैध रूप से बढ़ाए गए हैं। दरअसल, बस संचालकों द्वारा चेसिस एक्सटेंशन इसलिए किया जाता है, ताकि सीटें बढ़ाई जा सकें। विभाग का कहना है कि चेसिस में ज्यादा एक्सटेंशन दुर्घटना का कारण बन सकता है। जांच में जिन बसों में चेसिस का एक्सटेंशन पाया जाएगा, उन पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी निर्देश हैं कि जिन बसों में ड्राइवर और कंडक्टर के लिए पार्टिशन बनाए गए हैं, उन्हें भी हटवाया जाए।
चेसिस एक्सटेंशन पर बनी स्लीपर बसों की जांच के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। कमी पाए जाने पर पंजीयन निरस्त किए जाएंगे।
किरन शर्मा, संयुक्त परिवहन आयुक्त, मप्र