मेक्सिको में 6.4 तीव्रता का भूकंप :राष्ट्रपति को खाली करना पड़ा महल, 2 लोगों की मौत

मेक्सिको। अमेरिकी देश मेक्सिको में शुक्रवार को 6.4 तीव्रता का भूकंप आया। इस दौरान मेक्सिको सिटी और दक्षिण-पश्चिमी गुएरेरो राज्य के कई इलाकों में जोरदार झटके महसूस किए गए। भूकंप के चलते कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और राष्ट्रपति क्लॉडिया शीनबॉम को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस बीच में रोककर राष्ट्रपति महल खाली करना पड़ा। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि कई मकानों में दरारें पड़ गईं और घरों में रखा सामान गिरने लगा। अब तक दो लोगों की मौत की सूचना सामने आई है।
कहां था भूकंप का केंद्र
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, शुक्रवार को मेक्सिको के गुरेरो क्षेत्र में 6.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। यह भूकंप भारतीय समयानुसार शाम 7:28 बजे आया और इसकी गहराई 40 किलोमीटर थी। भूकंप का केंद्र 16.99 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 99.26 डिग्री पश्चिमी देशांतर पर स्थित था।
खाली कराया गया राष्ट्रपति महल
भूकंप के समय मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शीनबॉम राष्ट्रपति महल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही थीं। जैसे ही भूकंप की चेतावनी प्रणाली सक्रिय हुई और सायरन बजे, राष्ट्रपति और वहां मौजूद पत्रकारों को तुरंत बाहर निकाल लिया गया। कुछ देर बाद स्थिति सामान्य होने पर सभी सुरक्षित महल में लौट आए।
दो लोगों की मौत, 12 घायल
गुरेरो में भूकंप के कारण एक घर ढहने से 50 वर्षीय महिला की मौत हो गई। वहीं राजधानी मेक्सिको सिटी में 60 वर्षीय एक बुजुर्ग की जान उस समय चली गई, जब वे भूकंप के दौरान अपनी दूसरी मंजिल के अपार्टमेंट से बाहर निकलते हुए सीढ़ियों से गिर पड़े। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, अलग-अलग घटनाओं में कुल 12 लोग घायल हुए हैं। प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है और आफ्टरशॉक्स की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मेक्सिको के 3 बड़े विनाशकारी भूकंप
1985 का भूकंप
- तीव्रता: 8.0
- राजधानी मेक्सिको सिटी में भारी तबाही
- 10,000 से ज्यादा मौतें, हजारों इमारतें ध्वस्त
2017 का भूकंप
- तीव्रता: 7.1
- कई राज्यों में असर
- 370 से अधिक लोगों की मौत, व्यापक नुकसान
2020 का भूकंप
- स्थान: ओआक्साका
- तीव्रता: 7.4
- 10 लोगों की मौत, तटीय इलाकों में नुकसान
मेक्सिको में बार-बार क्यों आते हैं भूकंप?
मेक्सिको प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है। यह इलाका दुनिया का सबसे सक्रिय भूकंपीय और ज्वालामुखीय क्षेत्र माना जाता है। मेक्सिको के नीचे कोकोस प्लेट, नॉर्थ अमेरिकन प्लेट और पैसिफिक प्लेट लगातार सक्रिय रहती हैं। कोकोस प्लेट धीरे-धीरे नॉर्थ अमेरिकन प्लेट के नीचे धंसती रहती है। इसी टकराव के कारण धरती के भीतर दबाव बनता है और जब यह दबाव अचानक निकलता है, तो भूकंप आता है।
राजधानी मेक्सिको सिटी एक पुराने झील क्षेत्र पर बसी हुई है। यहां की मिट्टी नरम है, जिससे दूर का भूकंप भी यहां ज्यादा तेज महसूस होता है और इमारतों को अधिक नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है।
SASMEX अर्ली वॉर्निंग सिस्टम
लगातार भूकंपीय खतरे को देखते हुए मेक्सिको ने SASMEX (Seismic Alert System) विकसित किया है। यह सिस्टम भूकंप के झटके महसूस होने से कुछ सेकंड पहले सायरन बजाकर लोगों को सतर्क करता है, जिससे जानमाल के नुकसान को कम किया जा सके।
क्यों आता है भूकंप?
धरती की सतह 7 बड़ी और कई छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से बनी है। ये प्लेट्स लगातार हिलती रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं या फॉल्ट लाइन पर टूटती हैं, तो भीतर जमा ऊर्जा बाहर निकलती है और भूकंप आता है।
फॉल्ट लाइन के प्रकार
रिवर्स फॉल्ट: जमीन का एक हिस्सा ऊपर उठता है।
नॉर्मल फॉल्ट: जमीन का हिस्सा नीचे धंसता है।
स्ट्राइक-स्लिप फॉल्ट: जमीन आगे या पीछे खिसकती है।
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