Shivani Gupta
2 Jan 2026
Naresh Bhagoria
2 Jan 2026
Naresh Bhagoria
2 Jan 2026
प्रयागराज। महाकुंभ के बाद पहला माघ मेला आज से प्रयागराज में भव्य रूप से शुरू हो गया है। पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर पहले ही दिन 7 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई। मेला प्राधिकरण के अनुसार, दिन के अंत तक श्रद्धालुओं की संख्या 15 लाख तक पहुंचने का अनुमान है। योगी सरकार इस माघ मेले को “मिनी कुंभ” के रूप में आयोजित कर रही है, जो 15 फरवरी 2026 (महाशिवरात्रि) तक चलेगा।
देश-विदेश से आए श्रद्धालु स्नान-दान के बाद अक्षयवट और लेटे हनुमान जी के दर्शन कर रहे हैं। संगम क्षेत्र में शंखनाद, हर-हर गंगे और जय श्रीराम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। स्नान के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा आरती भी की।
माघ मेला 2026 को करीब 800 हेक्टेयर क्षेत्र में बसाया गया है। मेले को 7 सेक्टरों में बांटा गया है और 8 किलोमीटर लंबे अस्थायी स्नान घाट तैयार किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 9 पांटून पुल तैयार किए गए हैं, जिससे एक घाट से दूसरे घाट तक आसानी से पहुंचा जा सके।
इसके साथ ही मेले में 25 हजार शौचालय, 8 हजार डस्टबिन और 3 हजार से अधिक सफाईकर्मियों की तैनाती की गई है। मेला क्षेत्र में 160 किलोमीटर तक चकर प्लेट, 242 किलोमीटर तक पेयजल पाइपलाइन और 85 किलोमीटर तक सीवर लाइन बिछाई गई है। बिजली आपूर्ति के लिए 25 सब-स्टेशन बनाए गए हैं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए इस बार माघ मेले में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पूरे मेला क्षेत्र में 10 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। 17 थाने, 42 पुलिस चौकियां, 20 फायर टेंडर और 7 अग्निशमन चौकियां बनाई गई हैं।
भीड़ और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए 400 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें 200 से ज्यादा AI तकनीक से लैस हैं। ड्रोन कैमरों से भी लगातार निगरानी की जा रही है। यूपी एटीएस और एनआईए की टीमें अलर्ट मोड पर हैं। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख प्रवेश मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
संगम नोज पर संदिग्ध गतिविधियों के चलते पुलिस ने दो फर्जी बाबाओं को हिरासत में लिया है। तलाशी के दौरान उनके पास से नकली नोट और फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।
इस बार माघ मेले में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत किया गया है। पहली बार दो रिवर एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। इसके अलावा 80 एम्बुलेंस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फ्लड कंपनी पीएसी और गोताखोरों को स्नान घाटों पर लगाया गया है। मेला क्षेत्र में 20-20 बेड के दो बड़े अस्पताल बनाए गए हैं, जिनका नाम ‘गंगा’ और ‘त्रिवेणी’ रखा गया है।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 2 जनवरी की रात 8 बजे से मेला क्षेत्र में वाहनों की एंट्री बंद कर दी गई है। संगम नोज पर केवल प्रशासनिक और चिकित्सीय वाहनों को ही जाने की अनुमति है।
यूपी रोडवेज द्वारा इस बार 3,800 बसों का संचालन किया जा रहा है, जिनमें से 2,250 बसें झूंसी से चलाई जा रही हैं। इसके अलावा 75 शटल बसें भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगाई गई हैं, ताकि संगम क्षेत्र में जाम की स्थिति न बने।
माघ मेले के साथ ही आज से कल्पवास की परंपरा भी शुरू हो गई है। कल्पवासी 45 दिनों तक गंगा तट पर रहकर संयमित और सात्विक जीवन व्यतीत करेंगे। वे ब्रह्ममुहूर्त में स्नान, जप-तप, ध्यान और दान करेंगे। माघ मेला होने के कारण इसमें अखाड़ों की पेशवाई नहीं निकाली जाती।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेले के शुभारंभ पर श्रद्धालुओं को बधाई देते हुए अधिकारियों को फील्ड में रहकर व्यवस्थाएं संभालने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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