छत्तीसगढ़ :नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, मारे गए 14 नक्सली; सुकमा में 12 और बीजापुर में 2 ढेर

छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर में सुरक्षा बलों की मुठभेड़ में 14 नक्सली ढेर हुए। बीजापुर में हथियार और शव बरामद किए गए। पिछले महीनों में कई बड़े इनामी नक्सली मारे जाने के बाद बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों की सक्रियता कम हुई है। दक्षिण बस्तर अब मुख्य चुनौती बना हुआ है।
नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, मारे गए 14 नक्सली; सुकमा में 12 और बीजापुर में 2 ढेर
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    बीजापुर। छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच दो अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 14 नक्सली ढेर हुए हैं। सुकमा जिले के किस्टाराम इलाके में 12 नक्सली मारे गए, जबकि बीजापुर में 2 नक्सली ढेर किए गए। बीजापुर मुठभेड़ स्थल से नक्सलियों के शव और हथियार बरामद हुए हैं।

    बीजापुर में सुरक्षाबलों को माओवादियों की गतिविधियों की सूचना मिली, जिसके बाद डीआरजी (District Reserve Guard) टीम ने ऑपरेशन शुरू किया। सुबह करीब 5 बजे से नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच रुक-रुककर मुठभेड़ हुई।

    सुरक्षाबलों ने की मुठभेड़ की पुष्टि

    सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ की पुष्टि की है, लेकिन सटीक स्थान और ऑपरेशन में शामिल बलों की संख्या गोपनीय रखी गई है। अधिकारियों का कहना है कि, ऑपरेशन समाप्त होने के बाद पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

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    छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्यों में पिछले कुछ महीनों में कई बड़े इनामी नक्सली मारे गए हैं। 25 दिसंबर को ओडिशा के कंधमाल जिले में सुरक्षाबलों ने 6 नक्सली ढेर किए थे, जिनमें 1 करोड़ रुपए का इनामी CCM गणेश उईके भी शामिल था।

    नक्सल विरोधी अभियान का ब्योरा

    2024 में नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन के आंकड़े:

    वर्ष

    मारे गए नक्सली

    गिरफ्तार

    आत्मसमर्पण

    2024

    290

    1090

    881

    सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए पुनर्वास योजना लागू की है। इस नीति के तहत हथियार डालकर आत्मसमर्पण करने वालों को सुरक्षा और सहायता मिलती है।

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    बस्तर क्षेत्र में वर्तमान स्थिति

    बस्तर क्षेत्र में अब केवल 200-300 सक्रिय नक्सली बचे हैं। महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ (MMC) जोन लगभग नक्सल मुक्त हो गया है। दक्षिण बस्तर डिवीजन में नक्सलियों की उपस्थिति अब चुनौती बन गई है। कई टॉप लीडर जंगलों में अलग-अलग टुकड़ों में छिपे हैं।

    यदि अगले 90 दिनों में इन प्रमुख नक्सलियों को मार गिराया जाए या वे आत्मसमर्पण करें, तो बस्तर के सभी फ्रंटलाइन लीडर्स समाप्त हो जाएंगे।

    इस साल मारे गए बड़े इनामी नक्सली

    नाम

    पद

    इनामी राशि

    राज्य

    गणेश उईके

    CCM

    ₹1 करोड़

    ओडिशा

    माड़वी हिड़मा

    CCM

    ₹1.50 करोड़

    छत्तीसगढ़

    बसवा राजू उर्फ गगन्ना

    पोलित ब्यूरो महासचिव

    ₹1.50 करोड़

    आंध्र प्रदेश

    जयराम उर्फ चलपति

    CCM

    ₹1 करोड़

    आंध्र प्रदेश

    सुधाकर

    CCM

    ₹1 करोड़

    तेलंगाना

    भास्कर

    DVC सचिव

    ₹45 लाख

    आंध्र प्रदेश

    रेणुका

    सेंट्रल रीजनल ब्यूरो

    ₹45 लाख

    तेलंगाना

    गजरला रवि

    CCM

    ₹40 लाख

    तेलंगाना

    राजे

    DKSZCM

    ₹25 लाख

    छत्तीसगढ़

    मधु उर्फ जंग

    DKSZCM

    ₹25 लाख

    आंध्र प्रदेश

    नीति उर्फ निर्मला

    DKSZC

    ₹25 लाख

    छत्तीसगढ़

    रूपेश

    DKSZC

    ₹25 लाख

    महाराष्ट्र

    दसरू

    DKSZC

    ₹25 लाख

    ओडिशा

    रणधीर

    DKSZC

    ₹25 लाख

    तेलंगाना

    जोगन्ना

    DKSZC

    ₹25 लाख

    तेलंगाना

    सरकार की नीति और सुरक्षाबलों की दिशा

    प्रधानमंत्री और गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि, नक्सलियों के युद्ध विराम का प्रस्ताव खारिज किया गया है। सरकार ने कहा-

    • हथियार डालकर आत्मसमर्पण करने वालों का स्वागत है।
    • बंदूक उठाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
    • सुरक्षा बल बिना किसी ढील के नक्सल प्रभावित इलाकों में सक्रिय रहेंगे।

    सुरक्षाबलों के अनुसार, दक्षिण बस्तर डिवीजन में अब मुख्य चुनौती बाकी है। यदि अगले 3 महीनों में बचे हुए प्रमुख नक्सली ढेर किए गए या सरेंडर करते हैं, तो बस्तर क्षेत्र पूर्ण रूप से नक्सल मुक्त हो जाएगा।

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    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...

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