
मुंबई। महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव की वोटिंग से ठीक 13 दिन पहले सत्तारूढ़ बीजेपी गठबंधन महायुति ने बड़ा राजनीतिक संदेश दे दिया है। राज्य की 29 नगर निगमों की कुल 2,869 सीटों में से 68 सीटों पर महायुति के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित हो चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा 44 सीटें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खाते में गई हैं, जबकि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 22 और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को 2 सीटें मिली हैं।
चुनाव नियमों के अनुसार, यदि किसी वार्ड में केवल एक ही उम्मीदवार मैदान में बचता है और बाकी उम्मीदवार नामांकन वापस ले लेते हैं या कोई दूसरा प्रत्याशी खड़ा नहीं होता, तो उस उम्मीदवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया जाता है। इन 68 सीटों पर भी यही स्थिति बनी, जिससे वहां मतदान कराने की जरूरत ही नहीं पड़ी। अब शेष 2,801 सीटों पर 15 जनवरी 2026 को वोटिंग होगी, जबकि नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे।
नामांकन: 23 से 30 दिसंबर
स्क्रूटनी: 31 दिसंबर
नामांकन वापसी: 2 जनवरी
फाइनल उम्मीदवार सूची: 3 जनवरी
वोटिंग: 15 जनवरी
नतीजे: 16 जनवरी
कुल सीटें: 2,869
कुल मतदाता: 3.48 करोड़
बीजेपी के 44 निर्विरोध विजेताओं में सबसे अधिक उम्मीदवार ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली नगर निगम से हैं। इसके अलावा पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, पनवेल, भिवंडी, धुले, जलगांव और अहिल्यानगर नगर निगम से भी बीजेपी प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए हैं।
पुणे नगर निगम के वार्ड नंबर 35 से बीजेपी की मंजूषा नागपुरे और श्रीकांत जगताप निर्विरोध निर्वाचित हुए। ये दोनों इससे पहले 2017 से 2022 के बीच भी इसी वार्ड का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
वोटिंग से पहले ही बड़ी संख्या में सीटों पर जीत को लेकर विपक्ष ने सत्ताधारी गठबंधन पर सवाल उठाए हैं। MNS नेता अविनाश जाधव ने कहा, अगर वोटिंग से पहले ही जीतना है तो चुनाव कराने की जरूरत ही क्या है? लोकतंत्र को खत्म किया जा रहा है।
शिवसेना (UBT) नेता अरविंद सावंत ने आरोप लगाया कि, निर्विरोध जीत सुनिश्चित करने के लिए विपक्षी उम्मीदवारों पर दबाव बनाया गया।
मुंबई नगर निगम (BMC) की 227 सीटों में से 32 सीटों पर बीजेपी-शिंदे शिवसेना गठबंधन और शिवसेना (UBT)-मनसे के बीच सीधा मुकाबला होगा। इन सीटों पर कांग्रेस और बहुजन वंचित अघाड़ी (VBA) ने उम्मीदवार नहीं उतारे, जिससे मुकाबला दो ध्रुवों में सिमट गया है।
कांग्रेस ने मुंबई में अब तक 143 उम्मीदवारों की घोषणा की है। VBA 46 सीटों पर और वामपंथी दलों व अन्य सहयोगियों को 6 सीटें दी गई हैं। इस तरह कांग्रेस नेतृत्व वाला गठबंधन 195 सीटों पर चुनाव लड़ रहा है।
BMC एशिया की सबसे बड़ी नगर निगम है, जिसका बजट करीब 74,000 करोड़ रुपए है। 1997 से 2017 तक अविभाजित शिवसेना ने यहां शासन किया था, तब बीजेपी उसकी सहयोगी थी। BMC का बजट कई भारतीय राज्यों जैसे गोवा, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, सिक्किम और त्रिपुरा से भी बड़ा है।
इसी कारण बीजेपी, एकनाथ शिंदे गुट, उद्धव ठाकरे गुट, कांग्रेस, शरद पवार और अजीत पवार सभी दलों के लिए यह चुनाव राजनीतिक साख की लड़ाई बना हुआ है।
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