Shivani Gupta
2 Jan 2026
नई दिल्ली। दिल्ली दंगों के मामले में जेल में बंद उमर खालिद की रिहाई को लेकर अमेरिका के कुछ सांसदों ने भारत सरकार को पत्र लिखा है। इस घटनाक्रम पर BJP ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ कथित भारत विरोधी समूहों को निशाने पर लिया है।
BJP ने 2024 में राहुल गांधी और अमेरिकी सांसद जैन शाकोव्स्की के बीच हुई मुलाकात का हवाला देते हुए कहा कि यह कांग्रेस नेता के भारत के खिलाफ रुख को दर्शाता है। पार्टी का दावा है कि इस मुलाकात में भारत विरोधी विचारधारा रखने वाली इल्हान उमर भी मौजूद थीं।
BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर राहुल गांधी की एक तस्वीर साझा की, जिसमें वे शाकोव्स्की और इल्हान उमर के साथ दिखाई दे रहे हैं। भंडारी ने लिखा कि 2024 में अमेरिका में हुई इस मुलाकात के बाद जनवरी 2025 में शाकोव्स्की ने ‘अंतरराष्ट्रीय इस्लामोफोबिया से निपटने संबंधी अधिनियम’ दोबारा पेश किया, जिसमें भारत का स्पष्ट उल्लेख किया गया और मुस्लिम समुदायों के खिलाफ कार्रवाई के आरोप लगाए गए। उन्होंने आगे कहा कि 2026 में वही सांसद भारत सरकार को पत्र लिखकर उमर खालिद को लेकर चिंता जताती हैं, जबकि खालिद पर दंगों और हिंसा से जुड़े गंभीर आरोप हैं और वह यूएपीए के तहत आरोपी हैं।
प्रदीप भंडारी ने अपनी पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि जब-जब विदेशों में भारत के खिलाफ कोई कहानी गढ़ी जाती है, तब-तब राहुल गांधी का नाम सामने आता है। उनके अनुसार, जो ताकतें भारत को कमजोर करना चाहती हैं, चुनी हुई सरकार की छवि खराब करना चाहती हैं और आतंकवाद विरोधी कानूनों को कमजोर करने का प्रयास करती हैं, वे राहुल गांधी के इर्द-गिर्द दिखाई देती हैं। भंडारी ने राहुल गांधी की 2024 की अमेरिका यात्रा, शाकोव्स्की और इल्हान उमर से उनकी मुलाकात और जनवरी 2025 में पेश किए गए विधेयक के बीच सीधा संबंध होने का दावा किया। यह विधेयक ‘अंतरराष्ट्रीय इस्लामोफोबिया से मुकाबला करने’ से जुड़ा था।
30 दिसंबर को लिखे गए पत्र में शाकोव्स्की ने भारत सरकार से उमर खालिद को जमानत देने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने की अपील भी की थी।