Mahbooba Mufti Tiranga Controversy:उल्टा राष्ट्रीय ध्वज पकड़ने के आरोप में शिकायत दर्ज, उमर अब्दुल्ला बोले- 'जानबूझकर नहीं हुआ होगा'

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती एक नए विवाद में घिर गई हैं। उन पर विरोध प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) को उल्टा पकड़ने का आरोप लगा है। इस मामले में उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में कहा गया है कि यह राष्ट्रीय ध्वज का अपमान है और इस पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती का बचाव करते हुए कहा है कि यह जानबूझकर नहीं बल्कि गलती से हुआ होगा।
क्या है पूरा मामला?
श्रीनगर में पीडीपी कार्यालय के बाहर एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। यह प्रदर्शन केंद्र सरकार द्वारा अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए हटाने के फैसले के विरोध में किया गया था। इसी प्रदर्शन के दौरान महबूबा मुफ्ती राष्ट्रीय ध्वज हाथ में लिए दिखाई दीं। सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो और तस्वीरों में दावा किया गया कि उन्होंने तिरंगे को उल्टा पकड़ रखा था। तस्वीरों में केसरिया रंग की पट्टी नीचे की ओर दिखाई दे रही थी, जिसके बाद यह मामला विवाद का कारण बन गया।
पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत
इस मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नीरज शर्मा ने श्रीनगर के पक्का डंगा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस से महबूबा मुफ्ती के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है शिकायत में कहा गया है कि राष्ट्रीय ध्वज को इस तरह पकड़ना उसका अपमान माना जा सकता है। साथ ही यह भी कहा गया कि इस घटना से देश के करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
शिकायत में क्या कहा गया?
डॉ. नीरज शर्मा ने अपनी शिकायत में लिखा है कि वायरल वीडियो और तस्वीरों में साफ दिखाई देता है कि महबूबा मुफ्ती तिरंगे को उल्टा पकड़े हुए हैं। उनके अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है और यदि किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में इस तरह की गलती होती है तो उसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि कानून का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए।
पुलिस ने शुरू की जांच
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत की जांच की जा रही है और उपलब्ध वीडियो, तस्वीरों व अन्य तथ्यों को देखा जाएगा। जांच पूरी होने के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस की ओर से यह नहीं बताया गया है कि इस मामले में FIR दर्ज की गई है या नहीं।
उमर अब्दुल्ला ने किया महबूबा मुफ्ती का बचाव
इस विवाद के बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला महबूबा मुफ्ती के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि महबूबा मुफ्ती जैसी वरिष्ठ नेता जानबूझकर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान कर सकती हैं। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि महबूबा मुफ्ती पहले भी जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं और उन्हें राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान का पूरा ज्ञान है। इसलिए ऐसा मानना मुश्किल है कि उन्होंने जानबूझकर तिरंगा उल्टा पकड़ा होगा। उन्होंने कहा कि यह संभव है कि भीड़ और कार्यक्रम की भागदौड़ में यह गलती अनजाने में हुई हो। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरे मामले की जांच का इंतजार किया जाना चाहिए।
अनुच्छेद 370 हटने की बरसी पर हुआ था प्रदर्शन
जिस विरोध प्रदर्शन के दौरान यह विवाद हुआ, वह अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए हटाए जाने की बरसी के मौके पर आयोजित किया गया था। पीडीपी लंबे समय से इस फैसले का विरोध करती रही है। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी ने श्रीनगर में धरना-प्रदर्शन किया था, जिसमें महबूबा मुफ्ती भी शामिल हुई थीं। इसी कार्यक्रम के दौरान खींची गई तस्वीरों और वीडियो के वायरल होने के बाद यह विवाद शुरू हुआ।
अब पुलिस की कार्रवाई पर सबकी नजर
महबूबा मुफ्ती के खिलाफ दर्ज शिकायत के बाद अब सभी की नजर पुलिस की जांच पर है। जांच के बाद ही यह साफ होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। एक तरफ शिकायतकर्ता इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उमर अब्दुल्ला इसे अनजाने में हुई गलती बता रहे हैं।











