Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

शेख हसीना बोलीं- वे मुझे जेल में डालें या मार दें, मैं दिसंबर तक वापस बांग्लादेश लौटूंगी, भाषण के दौरान कैमरा ऑफ रखा

हसीना ने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से बांग्लादेश नहीं छोड़ा था। उनके मुताबिक, जब प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे थे, तब उनके पास वहां से निकलने के लिए केवल 30 से 40 मिनट का समय था। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें यह भी नहीं पता था कि उन्हें देश छोड़ना पड़ेगा।
शेख हसीना बोलीं- वे मुझे जेल में डालें या मार दें, मैं दिसंबर तक वापस बांग्लादेश लौटूंगी, भाषण के दौरान कैमरा ऑफ रखा
शेख हसीना ने 2 साल बाद दिया भाषण

नई दिल्ली। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दो साल बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से लोगों को संबोधित किया। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से भाषण दिया, हालांकि पूरे संबोधन के दौरान उनका कैमरा बंद रहा। अपने संबोधन में हसीना ने कहा कि वह सिर्फ पूर्व प्रधानमंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि राष्ट्रपिता की बेटी के रूप में भी लोगों से बात कर रही हैं। उन्होंने कहा कि परिस्थितियों ने उन्हें देश से दूर कर दिया, लेकिन उनके दिल में आज भी बांग्लादेश और वहां के लोगों के लिए वही भावना है।

परिवार को याद कर भावुक हुईं

भाषण के दौरान शेख हसीना ने 15 अगस्त 1975 की घटना का जिक्र किया और कहा कि उस दिन उन्होंने अपने परिवार के कई सदस्यों को खो दिया था। उन्होंने अपने छोटे भाई को याद करते हुए कहा कि वह एक महान स्वतंत्रता सेनानी और युवा नेता थे। हसीना ने कहा कि परिवार की यादें आज भी उन्हें भावुक कर देती हैं।

किसी भी हाल में बांग्लादेश लौटूंगी : शेख हसीना

शेख हसीना ने वर्चुअल संबोधन के बाद पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि चाहे उन्हें जेल जाना पड़े या जान का खतरा हो, वह किसी भी हाल में अपने देश वापस लौटेंगी। उन्होंने पिछले दो वर्षों की घटनाओं और देश छोड़ने की परिस्थितियों पर भी खुलकर बात की।

यह भी पढ़ें: जंतर- मंतर पर राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस, बोले- भारत माता की जय कहने पर छात्रा को देशद्रोही कहा, इन बच्चों को माफी मांगने की जरूरत नहीं

जेल या मौत से नहीं डरती, घर जरूर लौटूंगी

शेख हसीना ने कहा कि पहले भी कई बार उन्हें रोकने की कोशिश की गई, लेकिन उनके विरोधी सफल नहीं हुए। उन्होंने कहा, मुझे पता है कि मुझे जेल में डाला जा सकता है या मेरी हत्या भी हो सकती है, लेकिन मैं अपने देश जरूर लौटूंगी। मेरे लिए सबसे बड़ी ताकत जनता का समर्थन है।

देश छोड़ना मेरी मजबूरी थी- हसीना

हसीना ने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से बांग्लादेश नहीं छोड़ा था। उनके मुताबिक, जब प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे थे, तब उनके पास वहां से निकलने के लिए केवल 30 से 40 मिनट का समय था। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें यह भी नहीं पता था कि उन्हें देश छोड़ना पड़ेगा। उनका कहना है कि वह अपने पैतृक गांव तुंगीपाड़ा जाने की तैयारी कर रही थीं, लेकिन हालात अचानक बदल गए।

दो साल से मुश्किल दौर से गुजर रहा है बांग्लादेश

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने बांग्लादेश को कठिन दौर से गुजरते देखा है। उनके मुताबिक, लोगों के घरों और कार्यस्थलों पर डर का माहौल है। उन्होंने कहा कि यह वह बांग्लादेश नहीं है, जिसे उन्होंने बनाने का सपना देखा था और न ही वह देश है, जिसके लिए 1971 में लाखों लोगों ने बलिदान दिया था।

आंदोलन को लेकर किया बड़ा दावा

शेख हसीना ने दावा किया कि जुलाई 2024 के आंदोलन के दौरान 450 से अधिक पुलिस थानों और कई सरकारी इमारतों को निशाना बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई पुलिसकर्मी मारे गए और कुछ को जिंदा जला दिया गया। हसीना ने कहा कि ऐसे हालात में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी थी, लेकिन बाद में उसी कार्रवाई को उनके खिलाफ इस्तेमाल किया गया।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

Latest Posts