Shivani Gupta
31 Jan 2026
Shivani Gupta
31 Jan 2026
Manisha Dhanwani
31 Jan 2026
Naresh Bhagoria
31 Jan 2026
इंदौर। एमआईजी थाना क्षेत्र स्थित श्रीदेवी अपार्टमेंट में 13 वर्षीय बालक अली की हत्या के मामले में जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, बालक की गुमशुदगी दर्ज होने के बाद मुख्य आरोपी रेहान न केवल संदेह से बचा रहा, बल्कि पुलिस और परिजनों के साथ मिलकर तलाश में भी शामिल रहा। वह सीसीटीवी फुटेज खंगालने और संभावित स्थानों की जांच में पुलिस की मदद करता दिखाई दिया, जिससे उस पर तत्काल किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ।
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 12 बजे एमआईजी थाने में बालक अली की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद अपार्टमेंट परिसर और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की गई। स्थानीय रहवासियों ने पुलिस की अनुमति से आसपास के मॉल और सार्वजनिक स्थानों में लगे कैमरों की फुटेज भी देखी, लेकिन रात में कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। इसी दौरान जानकारी सामने आई कि आरोपी रेहान को अली के साथ श्रीदेवी अपार्टमेंट में प्रवेश करते देखा गया था, लेकिन इसके बाद बालक बाहर नहीं आया। यह सूचना फैलने के बाद रहवासियों ने रेहान को पकड़ने का प्रयास किया, हालांकि स्थिति को देखते हुए पुलिस उसे सुरक्षित थाने ले गई और पूछताछ शुरू की।
हत्या के बाद शव को संदूक में छिपाया गया
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने हत्या के बाद शव को अपने फ्लैट में रखी लोहे की संदूक (पलंग पेटी) में छिपा दिया था। जांच के दौरान पुलिस ने पहले फ्लैट की सामान्य तलाशी ली, लेकिन बाद में संदूक की जांच करने पर बालक का शव बरामद हुआ। उस समय आरोपी की वृद्ध दादी उसी संदूक के ऊपर सो रही थीं, जिससे प्रारंभिक जांच में शव छिपा रह गया। शनिवार सुबह तक पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों पर ही निर्भर रही। बाद में खुफिया स्तर पर मिली जानकारी और पूछताछ के दौरान आरोपी के व्यवहार में असामान्यता दिखाई दी, जिसके बाद उससे सख्ती से पूछताछ की गई। इसी बीच एक सीसीटीवी फुटेज में आरोपी को अली के साथ अपार्टमेंट में ले जाते हुए देखा गया, जिससे मामले की दिशा स्पष्ट हुई।
शुक्रवार रात चौथी मंजिल से सुनाई दी थी आवाज, पीसीआर मौके पर पहुंची थी
शुक्रवार रात करीब रात 8.30 बजे के करीब आपर्टमेंट में ले जाते हुए देखा था जिसके बाद चौथी मंजिल से किसी व्यक्ति की “बचाओ-बचाओ” की आवाज सुनाई दी थी। इसके बाद रहवासियों ने तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम (पीसीआर) को फोन कर सूचना दी थी। सूचना मिलने पर पीसीआर साढ़े 9 बजे के लगभग पहुँच गए थी। पुलिस के जवानों ने मौके पहुंच पुलिस टीम तीसरी मंजिल तक गई, लेकिन उसने ठीक ठग से तलाश नहीं किया। हो सकता था यदि पूरे अपार्टमेंट की तलाश छत तक होती तो अली सुरक्षित मिल जाता । लेकिन खाना पूर्ति कर टीम वापस लौट गई। रहवासियों का कहना है कि यदि उस समय विस्तृत जांच की जाती और फ्लैटों में पूछताछ की जाती, तो स्थिति स्पष्ट हो सकती थी।इलाके से संबंधित 13 वर्षीय बालक की गुमशुदगी की रिपोर्ट उसी रात एमआईजी थाने में दर्ज की गई थी। इसके बावजूद घटना स्थल पर व्यापक सर्चिंग नहीं की गई। बाद में जब जांच आगे बढ़ी और शव बरामद हुआ, तब इस सूचना को भी मामले की जांच में शामिल किया गया।
पतंग की डोर के बहाने ले गया था फ्लैट में
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने बालक को पतंग की डोर (मांझा) देने के बहाने अपने फ्लैट में बुलाया था। इसके बाद बालक की गला घोंटकर हत्या की गई और सिर पर ईंट से वार किया गया। हत्या के बाद शव को संदूक में छिपा दिया गया। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है।
डेढ़ साल पहले ही आया था इलाके में -
पुलिस के अनुसार, आरोपी रेहान का परिवार डेढ़ से दो वर्ष पहले ही उक्त अपार्टमेंट में आकर रहने लगा था। रेहान का बड़ा भाई खजराना क्षेत्र में हुई एक हत्या के मामले में पिछले कुछ वर्षों से जेल में बंद है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका रही है। आरोपी का दोस्त रिजवान, जो वारदात के समय उसके साथ बताया जा रहा है, फिलहाल फरार है।