Naresh Bhagoria
4 Feb 2026
तिरुवनंतपुरम। केरल के निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) ने बड़ी राजनीतिक सफलता हासिल की है। तिरुवनंतपुरम नगर निगम में गठबंधन ने 101 वार्डों में से 50 वार्डों पर जीत दर्ज कर ली है, जो राज्य की राजनीति में एक अहम बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
तिरुवनंतपुरम नगर निगम पर बीते 45 सालों से वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) का वर्चस्व रहा है, ऐसे में एनडीए की यह बढ़त ऐतिहासिक मानी जा रही है। चुनाव परिणामों के मुताबिक, LDF को 29 वार्डों में जीत मिली है, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने 19 वार्डों पर कब्जा जमाया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शहरी मतदाताओं के बीच एनडीए की बढ़ती स्वीकार्यता और स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित चुनावी रणनीति ने इस प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई है। वहीं, लंबे समय से सत्ता में रहने के कारण LDF को एंटी-इन्कम्बेंसी का सामना करना पड़ा, जिसका असर नतीजों में साफ नजर आया।
प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने इस जीत पर कहा, 'तिरुवनंतपुरम नगर निगम में शानदार जीत पर मेहनती भाजपा कार्यकर्ताओं को हार्दिक धन्यवाद। आज का दिन केरल में कार्यकर्ताओं की पीढ़ियों के कार्य और संघर्षों को याद करने का है, जिन्होंने जमीनी स्तर पर काम किया। हमारे कार्यकर्ता ही हमारी ताकत हैं और हमें उन पर गर्व है।'
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, 'यह केरल लोकल बॉडी चुनावों के इतिहास में UDF और कांग्रेस को सबसे ज्यादा सीटें मिली हैं। यह हमारे लिए एक बड़ी जीत है। निश्चित रूप से हम अगले विधानसभा चुनाव जीतने वाले हैं। उन्होंने कहा कि मैं तिरुवनंतपुरम के किसी भी व्यक्ति (कांग्रेस सांसद शशि थरूर) पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता क्योंकि हम वैसे भी सफलताओं और असफलताओं दोनों की समीक्षा करेंगे।'
वहीं भाजपा उम्मीदवार आर. श्रीलेखा ने कहा- जब से मेरी उम्मीदवारी की घोषणा हुई है, LDF और कांग्रेस ने उम्मीद से ज्यादा मेरी आलोचना की है। मुझे खुशी है कि मेरे वार्ड के लोगों ने उन सभी बातों को नजरअंदाज किया और मेरा साथ दिया।