कौशांबी :LPG टैंकर ब्लास्ट में ड्राइवर जिंदा जला, 16 बाइकें और 2 कारें जलकर खाक

कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में शुक्रवार सुबह हुए भीषण LPG टैंकर हादसे में टैंकर चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसा सुबह करीब 6 बजे हुआ, जब तेज रफ्तार टैंकर बेकाबू होकर टोल प्लाजा से टकरा गया। टक्कर के तुरंत बाद जोरदार धमाका हुआ और टैंकर आग के गोले में बदल गया। आग इतनी भीषण थी कि चालक बाहर नहीं निकल सका। उसका शव पूरी तरह जल गया और मौके से केवल कंकाल का कुछ हिस्सा ही बरामद हो सका। हादसे में पांच टोल कर्मचारी भी झुलस गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक टैंकर पूरी तरह जल चुका था। आग की चपेट में आने से टोल प्लाजा के यार्ड में खड़ी 16 बाइकें और दो कारें भी जलकर राख हो गईं।
कहां हुई घटना?
यह हादसा कौशांबी जिला मुख्यालय से करीब 16 किलोमीटर दूर कोखराज थाना क्षेत्र के सिहोरी टोल प्लाजा पर सुबह करीब 7 बजे हुआ। हादसे के बाद करीब 2 किलोमीटर दूर तक धुएं का गुबार और आग की लपटें दिखाई देती रहीं। आग की वजह से हाईवे के दोनों ओर बसों और कारों की लंबी कतार लग गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गैस टैंकर कानपुर से प्रतापगढ़ की ओर जा रहा था। रास्ते में ओवरटेक करने के दौरान टैंकर करीब 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से डिवाइडर से टकराया और पलट गया। इसके बाद टैंकर से गैस लीक होने लगी। कुछ ही क्षण बाद तेज धमाका हुआ और आग भड़क उठी कुछ ही मिनटों में आसमान काले धुएं के गुबार से भर गया।
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टोल परिसर में खड़ी गाड़ियां भी जली
आग इतनी तेजी से फैली कि टोल प्लाजा के यार्ड और पास बने टॉयलेट तक पहुंच गई। यार्ड में खड़ी कर्मचारियों की 16 से ज्यादा बाइकें और 2 कारें जलकर राख हो गईं। टॉयलेट में मौजूद सुपरवाइजर आलोक पांडे भी गंभीर रूप से झुलस गए। टोल कर्मचारी संजय निर्मल ने बताया कि हादसे से करीब 10 मिनट पहले हल्की बारिश हुई थी। अचानक टैंकर पलटा और गैस रिसाव के बाद आग भड़क गई। आग इतनी विकराल थी कि कोई भी उसके करीब जाने की हिम्मत नहीं कर पाया।
प्रशासन ने क्या कहा?
कौशांबी के एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि शुरुआती जांच में टक्कर के बाद गैस रिसाव होने और उसी के कारण धमाका व आग लगने की बात सामने आई है। घटना के सही कारणों की जांच के लिए डीएसओ और तकनीकी टीम को बुलाया गया है।
उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही जिले की सभी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। सुरक्षा के मद्देनजर हाईवे पर ट्रैफिक रोक दिया गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया और अब यातायात धीरे-धीरे सामान्य किया जा रहा है।











