Dehradun:निहंग जत्थे की एंट्री से मचा हड़कंप! रातभर हाई अलर्ट पर रहा शहर, पुलिस की बातचीत के बाद लौटे वापस

देहरादून। उत्तराखंड में निहंगों के एक जत्थे के देहरादून पहुंचने की सूचना मिली। खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया। प्रेमनगर, विकासनगर और रेसकोर्स इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया। कई रास्तों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई, जिससे लंबा जाम लग गया। देर रात तक पुलिस और निहंगों के बीच बातचीत चलती रही। प्रशासन के अनुसार समझाइश के बाद जत्था रात करीब 2:30 बजे वापस पांवटा साहिब की ओर लौट गया और स्थिति सामान्य हो गई।
सूचना मिलते ही अलर्ट पर आया प्रशासन
गुरुवार रात जैसे ही पुलिस को सूचना मिली कि निहंगों का जत्था विकासनगर की ओर से देहरादून की तरफ बढ़ रहा है, पूरे प्रशासन में हलचल मच गई। सबसे पहले प्रेमनगर इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई। पुलिस और पीएसी की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और मुख्य सड़कों पर बैरिकेडिंग कर दी गई। सुरक्षा के लिए जिले के अलग अलग हिस्सों से अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया।
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यातायात रुका, बाजारों में भी दिखा असर
सुरक्षा व्यवस्था के चलते प्रेमनगर चौक और आसपास के इलाकों में वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। इसका असर यह हुआ कि कुछ ही देर में सड़क पर लंबा जाम लग गया। लोग अपने वाहनों में फंस गए और बार बार पुलिस से स्थिति की जानकारी लेने लगे। दूसरी ओर पुलिस की लगातार आवाजाही और सायरन सुनकर स्थानीय लोगों में भी चिंता बढ़ गई। कई दुकानदारों ने एहतियात के तौर पर अपनी दुकानें बंद कर दीं और बाजार में सन्नाटा फैल गया।
पुलिस और निहंगों की बातचीत
निहंगों का जत्था अलग अलग रास्तों से होते हुए देहरादून के रेसकोर्स स्थित गुरुद्वारे पहुंचा। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी भी वहां पहुंच गए। काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच बातचीत चली। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की और स्थिति को संभालने की कोशिश की। बातचीत के बाद देर रात करीब 2:30 बजे निहंग जत्था दो वाहनों से वापस पांवटा साहिब की ओर लौट गया। पुलिस की टीमें उन्हें सीमा तक छोड़ने के लिए साथ गईं।
कर्णप्रयाग विवाद के बाद बढ़ा था तनाव
पूरा मामला 16 जून को चमोली जिले के कर्णप्रयाग में हुए विवाद से जुड़ा है। वहां निहंगों और लोगों के बीच झड़प हुई थी, जिसमें चार लोग घायल हुए थे। इसके बाद कुछ निहंगों ने रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारा दमदमा साहिब में डेरा डाल दिया था। बाद में पुलिस, प्रशासन और पंजाब से आए प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मामला शांत कराया गया था। इसी घटनाक्रम के बाद निहंगों ने उत्तराखंड आने की घोषणा की थी, जिससे प्रशासन पहले से ही सतर्क था।
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सीमा से लेकर शहर तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम
निहंगों के उत्तराखंड आने की संभावना को देखते हुए गुरुवार सुबह से ही हिमाचल सीमा पर कुल्हाल पुलिस चौकी सहित कई स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। एसडीएम, एसपी देहात, तहसीलदार और कई थानों की पुलिस के साथ पैरामिलिट्री बल भी तैनात किया गया। खुफिया एजेंसियां भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थीं। देर रात तक जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वयं पूरे घटनाक्रम की निगरानी करते रहे। प्रशासन का कहना है कि समय रहते बातचीत के जरिए स्थिति को सामान्य कर लिया गया और किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई।











