CJP की बैठक से पहले आशुतोष रांका समेत कई नेता हिरासत में, असम पुलिस ने उठाया

गुवाहाटी में CJP की पहली क्षेत्रीय बैठक से पहले रविवार को संगठन के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है। CJP के मुताबिक, असम पुलिस ने सह-संयोजक आशुतोष रांका, अंकित भारद्वाज और प्रेम आकाश समेत कई लोगों को हिरासत में लिया। सभी को गुवाहाटी की एक पुलिस सुविधा में ले जाया गया। संगठन की ओर से बैठक में करीब 200 से 300 कार्यकर्ताओं के जुटने की तैयारी थी।
बैठक स्थल तक जाने का रास्ता रोकने का दावा
CJP का कहना है कि बैठक शुरू होने से पहले ही पुलिस ने आयोजन स्थल तक पहुंचने वाले रास्ते को रोक दिया था। इसके बाद बैठक में शामिल होने जा रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। संगठन के मुताबिक, बैठक का उद्देश्य असम में स्वयंसेवकों को एक साथ लाना और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा करना था। इनमें राज्य में बाढ़ से जुड़े हालात और संगठन की आगे की गतिविधियां भी शामिल थीं। CJP नेता अभिजीत दिपके के मुताबिक, आशुतोष रांका के साथ अंकित भारद्वाज और प्रेम आकाश को भी हिरासत में लिया गया। असम में रहने वाले कुछ अन्य कार्यकर्ताओं को भी पुलिस अपने साथ ले गई। संगठन का आरोप है कि कार्यकर्ताओं को बैठक स्थल तक पहुंचने नहीं दिया गया। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में पुलिस की ओर से हिरासत में लिए जाने की वजह को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
200 से 300 कार्यकर्ताओं के पहुंचने की थी तैयारी
CJP ने गुवाहाटी में अपनी पहली क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित करने की तैयारी की थी। संगठन के अनुसार, इसमें असम और आसपास के क्षेत्रों से करीब 200 से 300 कार्यकर्ताओं के पहुंचने की उम्मीद थी। बैठक में संगठन के स्थानीय नेटवर्क को मजबूत करने और राज्य में आगे की गतिविधियों पर चर्चा की जानी थी। CJP के एक नेता ने पुलिस बस में ले जाए जाते समय कहा कि उन्हें शांतिपूर्ण स्वयंसेवक बैठक करने से रोका गया। उनके मुताबिक, उन्हें आयोजन स्थल से उनकी इच्छा के खिलाफ दूर ले जाया जा रहा था।
एक दिन पहले राइजर दल के नेताओं से मुलाकात
हिरासत की कार्रवाई से एक दिन पहले अखिल गोगोई के नेतृत्व वाले राइजर दल के नेताओं ने CJP नेताओं से गुवाहाटी में मुलाकात की थी। इस बैठक में आशुतोष रांका समेत CJP के अन्य नेता भी शामिल हुए थे। दोनों पक्षों के बीच असम में हाल की बाढ़ समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी। साथ ही राज्य में CJP की गतिविधियों के विस्तार को लेकर भी बातचीत हुई।
हिरासत से पहले रांका ने लगाए आरोप
हिरासत में लिए जाने से पहले आशुतोष रांका ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा को लेकर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री को डर है कि अगर उनकी टीम असम के स्कूलों की वास्तविक स्थिति लोगों के सामने रखेगी तो पूरे देश को वहां की स्थिति के बारे में पता चल जाएगा। रांका ने काजीरंगा में लोगों के अधिकारों और जमीन, जंगल और पानी से जुड़े मुद्दों को लेकर भी मुख्यमंत्री पर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि इन संसाधनों को कॉरपोरेट कंपनियों को दिया जा रहा है। ये आरोप रांका की ओर से हिरासत में लिए जाने से पहले लगाए गए थे।




















