आज रविवार फिर भी खुले हैं बैंक! कल से 30 सितंबर तक हड़ताल, तुरंत निपटा लें ये काम

भोपाल। मध्य प्रदेश में बैंक ग्राहकों के लिए अगले कुछ दिन परेशानी भरे हो सकते हैं। 5 डे वीक की मांग को लेकर बैंक कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर रहेंगे। इसके चलते शनिवार और रविवार की छुट्टी के साथ बैंकिंग सेवाएं लगातार कई दिनों तक प्रभावित रहने की स्थिति बन रही है। इसी वजह से रविवार को सरकारी बैंक खोलने की अनुमति दी गई है, ताकि ग्राहकों को जरूरी बैंकिंग काम निपटाने का मौका मिल सके। अगर आपका बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है तो उसे समय रहते पूरा कर लेना बेहतर रहेगा। हड़ताल के दौरान नकद जमा और निकासी, चेक क्लियरिंग, ड्राफ्ट, पासबुक अपडेट सहित शाखा से जुड़े कई काम प्रभावित हो सकते हैं।
रविवार को खुले रहेंगे सरकारी बैंक
बैंकिंग सेवाओं पर लगातार पड़ने वाले असर को देखते हुए रविवार को भी सरकारी बैंकों की शाखाएं खुलेंगी। इस दिन केवल शाखाओं में ही काम नहीं होगा, बल्कि करेंसी चेस्ट भी चालू रहेगा। इसका उद्देश्य हड़ताल से पहले और उसके दौरान जरूरी बैंकिंग व्यवस्था को बनाए रखना है। हालांकि, रविवार को बैंक खुलने के बावजूद सभी तरह की सामान्य सेवाएं मिलेंगी या नहीं, यह संबंधित बैंक और उपलब्ध कर्मचारियों पर निर्भर करेगा।
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MP के 40 हजार बैंककर्मी हड़ताल में शामिल
बैंक कर्मचारियों के संगठनों ने 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर हड़ताल का ऐलान किया है। बताया गया है कि मध्य प्रदेश में करीब 40 हजार बैंक कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल होंगे। प्रदेश में करीब 7 हजार बैंक शाखाएं हैं। भोपाल में लगभग 400, इंदौर में 800 और उज्जैन में करीब 300 शाखाएं बताई गई हैं। अधिकांश शाखाओं में स्केल-3 तक के अधिकारी और कर्मचारी काम करते हैं। स्केल-4 या उससे ऊपर के अधिकारी शाखाओं में मौजूद रह सकते हैं, लेकिन पर्याप्त स्टाफ नहीं होने पर ग्राहकों को सामान्य सेवाएं देना मुश्किल हो सकता है।
कौन-कौन से काम होंगे प्रभावित?
हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं से होने वाले कई जरूरी काम प्रभावित हो सकते हैं। इनमें नकद जमा-निकासी, चेक क्लियरिंग, ड्राफ्ट, पासबुक अपडेट और अन्य शाखा संबंधी सेवाएं शामिल हैं। हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं चलती रहेंगी। ग्राहक इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और अन्य ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल कर सकेंगे। एटीएम और अन्य उपलब्ध डिजिटल सेवाओं का उपयोग भी किया जा सकता है।
रविवार को भी खुलेंगे सरकारी बैंक, बैंक हड़ताल के बीच बदला फैसला
5 डे वीक की मांग को लेकर आंदोलन
बैंक यूनियन लंबे समय से सप्ताह में पांच दिन बैंक खोलने की मांग कर रही हैं। अभी महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहते हैं, जबकि बाकी शनिवार को सामान्य कामकाज होता है। यूनियनों की मांग है कि बैंक सोमवार से शुक्रवार तक ही खुलें और शनिवार-रविवार को साप्ताहिक अवकाश दिया जाए। प्रस्ताव के अनुसार शनिवार की छुट्टी की भरपाई के लिए सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना करीब 40 मिनट अतिरिक्त काम किया जा सकता है।
कई बैंक संगठन हड़ताल में शामिल
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस यानी UFBU के तहत कई बैंक कर्मचारी और अधिकारी संगठन हड़ताल में शामिल हैं। इनमें AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBOC और INBEF जैसे संगठन शामिल हैं। UFBU के को-ऑर्डिनेटर वीके शर्मा के अनुसार, बैंक कर्मचारियों की मुख्य मांग 5 डे वीक लागू करना है।
ग्राहकों को पहले ही भेजे जा रहे संदेश
बैंकों की ओर से ग्राहकों को हड़ताल से पहले ही संदेश भेजकर जरूरी लेन-देन पूरा करने की सलाह दी जा रही है। ग्राहकों से कहा गया है कि वे नकदी की जरूरत के लिए पहले से तैयारी रखें और एटीएम, ग्राहक सेवा केंद्र, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल करें। सितंबर में इससे पहले भी हड़ताल और छुट्टियों के कारण बैंकिंग कामकाज प्रभावित हो चुका है। ऐसे में इस बार लगातार कई दिनों तक सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है। मध्य प्रदेश में रोजाना हजारों करोड़ रुपये का बैंक लेन-देन होता है, इसलिए हड़ताल का असर बड़ी संख्या में ग्राहकों और कारोबारियों पर पड़ सकता है।
10 साल बाद रविवार को बैंक खोलने की नौबत
रविवार को बैंक खोलने का फैसला लंबे अंतराल के बाद हुआ है। इससे पहले 2016 में नोटबंदी के दौरान रविवार को बैंक खोले गए थे। उस समय पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट जमा करने और बदलने के लिए बैंकों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। अब 10 साल बाद एक बार फिर रविवार को सरकारी बैंकों की शाखाएं खोलने की व्यवस्था की गई है। ऐसे में जिन ग्राहकों के जरूरी बैंकिंग काम लंबित हैं, उनके लिए रविवार का दिन महत्वपूर्ण हो सकता है।

















