Katni News :कटनी-जबलपुर हाईवे पर हादसों को रोकने के लिए मास्टर प्लान तैयार, संवेदनशील इलाकों में बनेंगी अस्थाई गौशालाएं

कटनी। कटनी-जबलपुर नेशनल हाईवे (एनएच-30) पर निराश्रित गौवंश के कारण होने वाले सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। हाईवे से सटे संवेदनशील क्षेत्रों में जल्द ही अस्थाई गौशालाएं बनाई जाएंगी, जिससे सड़क पर बैठने वाले मवेशियों को सुरक्षित आश्रय मिल सके। बहोरीबंद अनुभाग में इस योजना को लागू करने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
हाईवे पर लगता है जाम
विशेषकर शाम 5 बजे के बाद हाईवे पर मवेशियों का जमावड़ा बढ़ने से हादसों और लंबे ट्रैफिक जाम का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन ने इस समस्या से निपटने के लिए एक अनूठा मॉडल तैयार किया है। इन गौशालाओं के संचालन की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत पंजीकृत महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपी गई है।
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रोजगार के नए अवसर
इससे जहां एक ओर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित होगी, वहीं ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। इसके अलावा, किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में त्वरित राहत के लिए 'ए-हेल्प पशु सखी' घायल मवेशियों को प्राथमिक उपचार देंगी, जबकि घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्राम पंचायतें 108 एम्बुलेंस के साथ समन्वय करेंगी।
हाईवे पर नैगवां से छपरा तक ज्यादा खतरा
नैगवां से छपरा तक का हाईवे पैच मवेशियों के लिहाज से सबसे संवेदनशील है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नेशनल हाईवे को दुर्घटनामुक्त बनाना, मानव जीवन व गौवंश की रक्षा करना है। महिला समूहों को जिम्मेदारी देने से ग्रामीण आजीविका को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रदीप मिश्रा, एसडीएम, बहोरीबंद
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