ग्वालियर में 21 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा: 5 राज्यों में फैला नेटवर्क, 3 आरोपी गिरफ्तार

ग्वालियर। पुलिस की विशेष टीम ने उत्तर प्रदेश के कानपुर में दबिश देकर फर्जी कंपनी और डमी बैंक खातों के तीन प्रमुख संचालकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने Tradecboe us नाम से फर्जी ट्रेडिंग पोर्टल बनाया था, जिस पर निवेश का लाइव ग्राफ दिखाकर लोगों को मुनाफे का झांसा दिया जाता था। जांच में विदेशी IPs, प्रॉक्सी सर्वर, एपीके फाइलों और रिमोट एक्सेस के जरिए चल रहे साइबर नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर मुख्य मास्टरमाइंड और ठगी की रकम की बाकी कड़ियों तक पहुंचने में जुटी है।
शिकायत के बाद सामने आया 21 करोड़ की ठगी का मामला
मामले की शुरुआत फरियादी अशोक विजयवर्गीय की शिकायत से हुई। जांच में पता चला कि आरोपियों ने Tradecboe us नाम से एक फर्जी ट्रेडिंग पोर्टल बना रखा था, जिस पर निवेश का लाइव ग्राफ लगातार बढ़ता-घटता दिखाई देता था। इससे निवेशकों को लगता था कि उनका पैसा असली शेयर बाजार में लगा है और भारी मुनाफा हो रहा है, जबकि विदेशी IPs और प्रॉक्सी सर्वर के जरिए फर्जी आंकड़े दिखाए जा रहे थे।
शेल कंपनी के नाम पर खुलवाया बैंक अकाउंट
जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह ने कानपुर में व्रिकनोवा बिल्डकोन प्राइवेट लिमिटेड नाम से एक शेल कंपनी पंजीकृत कराई थी। इसी कंपनी के नाम पर एक राष्ट्रीयकृत बैंक में करंट अकाउंट खुलवाया गया। खातों की कमान एक जगह से नहीं, बल्कि एपीके फाइलों और रिमोट एक्सेस के जरिए अलग-अलग राज्यों से संभाली जा रही थी।
25 लाख की पहली लेयर इसी खाते में पहुंची
फरियादी के 25 लाख रुपये की पहली लेयर इसी बैंक खाते में ट्रांसफर हुई थी। इसके अलावा 5 राज्यों के 7 ठिकानों से लगभग 1.37 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फ्रॉड ट्रांजेक्शन भी इसी खाते में दर्ज मिला है। पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल, डिजिटल उपकरणों और लेन-देन की कड़ियों को खंगाल रही है।
कानपुर से तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक प्रणय नागवंशी के निर्देशन और डीएसपी संजीव नयन शर्मा के नेतृत्व में इंस्पेक्टर मुकेश नरोलिया और टीम ने कानपुर से आलोक गुप्ता (20), सौरभ सोनकर (27) और रंजीत (32) को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपी संयुक्त खाताधारक और अकाउंट हैंडलर हैं। अब इन्हें रिमांड पर लेकर मुख्य मास्टरमाइंड्स और विदेशी IPs के कनेक्शन की जांच की जा रही है।
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पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
पुलिस ने अपील की है कि टेलीग्राम, व्हाट्सएप या इंस्टाग्राम पर रातों-रात दोगुना रिटर्न का दावा करने वाले ग्रुप्स से तुरंत एग्जिट करें और किसी के कहने पर AnyDesk, QuickSupport, UltraViewer या TeamViewer जैसे स्क्रीन शेयरिंग ऐप इंस्टॉल न करें। निवेश के लिए सेबी में पंजीकृत ब्रोकर के जरिए ही काम करें और किसी संदिग्ध वेबसाइट या ऐप की बातों में न आएं। साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। डीएसपी संजीव नयन शर्मा ने बताया कि यह केवल साधारण वित्तीय धोखाधड़ी नहीं, बल्कि डार्क वेब और विदेशी सर्वरों से जुड़ा जटिल साइबर नेटवर्क है। आरोपी शेल कंपनियों के नाम पर डमी अकाउंट्स बनाकर एपीके फाइलों से पैसों को चंद मिनटों में कई लेयर्स में ट्रांसफर करते थे और पुलिस अब मुख्य मास्टरमाइंड्स, विदेशी IPs के कनेक्शन और ठगी गई बाकी राशि को होल्ड कराने पर काम कर रही है।




















