Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

कुबेरेश्वरधाम में जन्माष्टमी की धूम, चांदी के झूले में विराजेंगे मुरली मनोहर; 5 क्विंटल मावे की बर्फी का लगेगा भोग

कुबेरेश्वरधाम में जन्माष्टमी पर भगवान मुरली मनोहर चांदी के झूले में विराजेंगे। 5 क्विंटल मावे की बर्फी, 15 क्विंटल फलहारी खिचड़ी का भोग लगेगा, रात 12 बजे जन्मोत्सव होगा।
कुबेरेश्वरधाम में जन्माष्टमी की धूम, चांदी के झूले में विराजेंगे मुरली मनोहर; 5 क्विंटल मावे की बर्फी का लगेगा भोग
कुबेरेश्वरधाम में जन्माष्टमी की धूम, चांदी के झूले में विराजेंगे मुरली मनोहर

सीहोर। सावन की भक्ति के बाद अब भादो में भी कुबेरेश्वरधाम श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर है। शुक्रवार को जन्माष्टमी के पावन अवसर पर धाम में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर विशेष आयोजन होंगे। मुरली मनोहर मंदिर में भगवान का भव्य श्रृंगार किया जाएगा और रात्रि 8 बजे भगवान श्री मुरली मनोहर चांदी के झूले में विराजमान होंगे। राधा नाम संकीर्तन से पूरा धाम भक्तिरस में डूबेगा। वहीं मध्यरात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर विशेष पूजा, दिव्य आरती और आतिशबाजी होगी।

कांवड़ियों की आस्था से गूंज रहा धाम

कुबेरेश्वरधाम पर गुरुवार को भी हजारों श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। बड़ी संख्या में शिवभक्त सीवन नदी के तट से कांवड़ लेकर करीब 11 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए धाम पहुंचे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और मंगल की कामना की। कठिन यात्रा पूरी कर पहुंचे कांवड़ियों के चेहरों पर थकान से अधिक आस्था की चमक दिखाई दी। धाम में श्रद्धालु कंकर-शंकर की पूजा-अर्चना के साथ भगवान शिव के दर्शन कर रहे हैं।

भगवान शिव को गुरु मानकर करें आराधना

धाम पर जारी पांच दिवसीय हरतालिका तीज विशेष ऑनलाइन श्री शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव को गुरु मानकर विश्वास और श्रद्धा के साथ उनकी आराधना करनी चाहिए। सच्चे गुरु को पहचानना कठिन होता है इसलिए भगवान शिव को ही अपना गुरु मानकर उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आस्था और विश्वास मनुष्य को कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलने की शक्ति देते हैं।

कथा में सुनाया कांवड़ यात्रा का भावुक प्रसंग

पंडित प्रदीप मिश्रा ने ऑनलाइन कथा के दौरान 25 अगस्त की कांवड़ यात्रा में शामिल कटनी निवासी श्रीमती लक्ष्मी नामदेव और उनके पति शिव प्रसाद का प्रसंग भी सुनाया। उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान शिव प्रसाद की तबीयत अचानक गंभीर हो गई थी। समिति और प्रशासन के सहयोग से उनका उपचार कराया गया। उस समय लक्ष्मी नामदेव ने भगवान शिव से प्रार्थना की थी कि उनके पति स्वस्थ हो जाएं और वह उनके साथ धाम पहुंचकर कांवड़ के जल से भगवान शिव का अभिषेक करेंगी।

स्वस्थ होकर पति ने किया भगवान शिव का जलाभिषेक

उपचार के बाद शिव प्रसाद की तबीयत में सुधार हुआ और वह अपनी पत्नी के साथ धाम पहुंचे। दोनों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इस प्रसंग का उल्लेख करते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं से कहा कि भगवान पर विश्वास बनाए रखने के साथ जरूरत पड़ने पर उचित चिकित्सकीय उपचार भी कराया जाना चाहिए। उनके अनुसार, श्रद्धालुओं के ऐसे अनुभव आस्था और विश्वास की शक्ति को सामने लाते हैं।

ये भी पढ़ें: सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में वन्यजीव सुरक्षा पर फोकस, कार्यशाला का हुआ आयोजन

5 क्विंटल मावे की बर्फी से लगेगा भोग

जन्माष्टमी पर कुबेरेश्वरधाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रसादी तैयार की जा रही है। भगवान श्रीकृष्ण को पांच क्विंटल मावे की बर्फी का भोग लगाया जाएगा। इसके साथ ही करीब 15 क्विंटल फलहारी खिचड़ी सहित अन्य प्रसादी तैयार की जा रही है। विठलेश सेवा समिति के पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला, भोजनशाला के सेवादार धर्मेंद्र भावसार सहित बड़ी संख्या में सेवादार भोजन और प्रसादी व्यवस्था में जुटे हैं।

शाम 7 बजे से शुरू होगा भक्तिमय कार्यक्रम

विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और सादगी के साथ मनाया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए दोपहर 12 बजे से रात्रि 12 बजे तक दर्शन की व्यवस्था रहेगी। शाम 7 बजे कल्लू जी महाराज का अभिषेक एवं श्रृंगार दर्शन होगा। इसके बाद रात 8 बजे चांदी के झूले में विराजमान भगवान मुरली मनोहर के दिव्य दर्शन होंगे।

ये भी पढ़ें: बाड़ी में रज कलश वंदन यात्रा का भव्य स्वागत, विधायक सुरेंद्र पटवा ने लिया समरस समाज का संकल्प

राधा नाम संकीर्तन से गूंजेगा कुबेरेश्वरधाम

रात्रि 9 बजे राधा नाम संकीर्तन का विशेष आयोजन होगा। रात 11 बजे दही हांडी महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इसके बाद जैसे ही घड़ी की सुइयां मध्यरात्रि 12 बजे पहुंचेंगी, भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर विशेष पूजा-अर्चना और दिव्य आरती होगी। आतिशबाजी के साथ जन्मोत्सव का उल्लास चरम पर पहुंचेगा।

Sunil Sharma
By Sunil Sharma

सुनील शर्मा, सीहोर जिला ब्यूरो, पीपुल्स समाचार ढाई दशक से पत्रकारिता में सक्रिय। दैनिक भास्कर, पत...Read More

Latest Posts