सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में वन्यजीव सुरक्षा पर फोकस, कार्यशाला का हुआ आयोजन

सोहागपुर। बागड़ा बफर के परिक्षेत्र कार्यालय में आयोजित कार्यशाला में वन्यजीव अपराधों की रोकथाम, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी और संयुक्त कार्रवाई को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने मजबूत सूचना तंत्र, नियमित संवाद और जरूरत के अनुसार संयुक्त गश्त को वन और वन्यजीव सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया।
वन और पुलिस विभाग के अधिकारी रहे मौजूद
कार्यशाला में पुलिस विभाग की ओर से एसडीओपी अरविंद शाह, थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी सहित पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और बागड़ा बफर के वन परिक्षेत्र अधिकारी विलास डोंगरे, मैदानी कर्मचारी मौजूद रहे। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मढ़ई रेंजर राहुल उपाध्याय ने कार्यशाला की जानकारी दी।
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वन्यजीव अपराधों की रोकथाम पर बनी रणनीति
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य वन और पुलिस विभाग के बीच आपसी समन्वय को मजबूत करते हुए वन और वन्यजीव अपराधों की रोकथाम के लिए साझा रणनीति तैयार करना रहा। बैठक में वन्यजीव अपराधों से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाओं के तुरंत आदान-प्रदान पर चर्चा हुई।
संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी पर जोर
बैठक में संवेदनशील क्षेत्रों में संयुक्त कार्रवाई और अवैध शिकार एवं अन्य वन अपराधों की रोकथाम पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर मुखबिर तंत्र को मजबूत करने और प्राप्त विश्वसनीय सूचनाओं के जल्द सत्यापन पर विशेष जोर दिया।
संयुक्त गश्त और कार्रवाई पर चर्चा
कार्यशाला में दोनों विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने मैदानी अनुभव साझा किए। बेहतर सूचना नेटवर्क, नियमित संवाद और आवश्यकता के अनुसार संयुक्त गश्त और कार्रवाई को वन्यजीव सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
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वन्यजीव सुरक्षा के लिए बेहतर समन्वय जरूरी
कार्यशाला में स्पष्ट संदेश दिया गया कि वन और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए बेहतर विभागीय समन्वय, सतर्कता, मजबूत सूचना तंत्र और जल्द संयुक्त कार्रवाई आवश्यक है।




















