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वार्ड 60 के उपचुनाव पर ‘ब्रेक’! अंसारी को हाईकोर्ट से राहत, जिला कोर्ट के फैसले पर रोक

नामांकन शपथपत्र में संपत्ति और देनदारी की जानकारी छिपाने के आरोप में रद्द हुआ था निर्वाचन; हाईकोर्ट के स्टे से फिलहाल टला चुनाव का संकट
वार्ड 60 के उपचुनाव पर ‘ब्रेक’! अंसारी को हाईकोर्ट से राहत, जिला कोर्ट के फैसले पर रोक
कांग्रेस पार्षद सुनहरा अंसारी जश्न मानते हुए।

इंदौर। वार्ड 60 के चुनाव को लेकर चल रही कानूनी उठापटक में फिलहाल नया मोड़ आ गया है। कांग्रेस पार्षद सुनहरा अंसारी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनके निर्वाचन को शून्य घोषित करने वाले जिला न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट के इस आदेश के बाद फिलहाल वार्ड 60 में दोबारा चुनाव कराने की स्थिति टल गई है।

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मामला उस समय गरमाया था, जब इंदौर जिला न्यायालय ने सुनहरा अंसारी का निर्वाचन रद्द कर दिया था। आरोप था कि चुनाव के दौरान दाखिल किए गए नामांकन शपथपत्र में संपत्ति, देनदारियों और अन्य जरूरी जानकारियों का पूरा खुलासा नहीं किया गया। इसी आधार पर निचली अदालत ने उनका चुनाव निरस्त करने का आदेश दिया था।

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जिला कोर्ट के फैसले के खिलाफ पहुंचीं हाईकोर्ट

जिला न्यायालय के आदेश के बाद सुनहरा अंसारी ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। सुनवाई के दौरान उनकी ओर से सीनियर एडवोकेट विशाल बाहेती ने दलीलें पेश कीं। हाईकोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए फिलहाल निचली अदालत के आदेश के अमल पर रोक लगा दी। इस राहत के साथ ही सुनहरा अंसारी के निर्वाचन को लेकर तत्काल पैदा हुआ संकट भी टल गया है। हालांकि यह राहत फिलहाल अंतरिम है और मामले का अंतिम फैसला अभी बाकी है।

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वार्ड 60 में फिर चुनाव होगा या नहीं?

हाईकोर्ट के आदेश के बाद वार्ड 60 में संभावित उपचुनाव को लेकर भी तस्वीर बदल गई है। अब जब तक हाईकोर्ट इस मामले में आगे कोई आदेश नहीं देता, वार्ड 60 में चुनाव कराने का रास्ता साफ नहीं होगा।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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