यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के आसपास लिए पानी के 18 सैंपल; सभी मानकों पर खरे उतरे, पीसीबी की रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने मांगे सुझाव

जबलपुर। भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर के आसपास के इलाकों के पीने का पानी दूषित नहीं है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने फैक्ट्री परिसर के चार वार्डों में अलग-अलग स्थानों से पानी के कुल 18 सैंपल लेकर उसकी जांच कराई, जो मानकों पर खरे उतरे। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह की डिवीजन बेंच ने पीसीबी की रिपोर्ट पर सभी पक्षों को अपने सुझाव देने कहा है। मामलों पर अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी।
हाईकोर्ट ने पीसीबी से कराई जांच
गौरतलब है कि आलोक प्रताप सिंह (अब स्वर्गीय) की ओर से वर्ष 2004 में दायर की गई इस जनहित याचिका में फैक्ट्री परिसर से जहरीले कचरे को हटाकर जलाए जाने की प्रार्थना की गई थी। हाईकोर्ट के आदेश पर जहरीला कचरा पीथमपुर में जलाया गया। इस मामले पर विगत 22 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान कुछ हस्तक्षेपकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि फैक्ट्री परिसर से लगे हुए चार वार्डों में पानी पीने योग्य नहीं है। इस बयान पर हाईकोर्ट ने पीसीबी को पानी के सैंपलों की जांच कराने के आदेश दिए थे।
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प्रमोशन में आरक्षण मामले पर सुनवाई अब 1 दिसंबर को
प्रमोशन में आरक्षण को लेकर मप्र सरकार द्वारा वर्ष 2025 में बनाए गए नियमों को चुनौती देने वाले मामलों पर गुरुवार को हाईकोर्ट में सुनवाई टल गई। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इन मामलों पर अब 1 दिसंबर को सुनवाई निर्धारित की है।
फिलहाल सुनवाई टालने के निर्देश
गौरतलब है कि भोपाल की वेटरनरी सर्जन डॉ. स्वाति तिवारी व अन्य ने हाईकोर्ट में ये याचिकाएं दाखिल करके नए नियमों को चुनौती दी है। इसी मामलों से संबंधित आरबी राय का एक मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन रहने पर हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुको में अर्जी लगाकर उचित मार्गदर्शन लेने कहा था। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मामले की सुनवाई टालने के निर्देश हाईकोर्ट को दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गौर करने के बाद डिवीजन बेंच ने सुनवाई 1 दिसंबर को करने के निर्देश दिए।
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