ऑनलाइन अटेंडेंस के विरोध में टीचर का VIDEO वायरल, अब सस्पेंड:

प्रेम कुमार, रायपुर: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था का विरोध करना एक शिक्षिका को भारी पड़ गया। नवागढ़ विकासखंड के तुलसी हाई स्कूल में पदस्थ शिक्षिका निर्मला कोमल लहरे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वीडियो में शिक्षिका ने शिक्षकों की ऐप से उपस्थिति और कामकाज की निगरानी पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर शिक्षकों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग हो रही है, तो कलेक्टर से लेकर अधिकारियों और नेताओं के कामकाज का हिसाब भी ऑनलाइन और सार्वजनिक होना चाहिए।
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मुझे किसी का डर नहीं VIDEO में खुलकर बोलीं टीचर
वायरल वीडियो में शिक्षिका ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। उन्होंने कहा कि शिक्षक समय पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के लिए कई तरह की परेशानियों का सामना करते हैं। कई बार रास्ते में हादसे तक हो जाते हैं, लेकिन व्यवस्था में इसका समाधान नहीं किया जा रहा। शिक्षिका ने कहा कि वह अपनी बात रखने से पीछे नहीं हटेंगी और व्यवस्था में सुधार जरूरी है।
ऑनलाइन अटेंडेंस पर बड़ा सवाल
निर्मला कोमल ने शिक्षकों की ऐप आधारित निगरानी पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षक अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। सरकार को केवल शिक्षकों की निगरानी करने के बजाय दूसरे विभागों की व्यवस्थाओं को सुधारने पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों का मुद्दा भी उठाया और अधिकारियों के कार्यक्रमों एवं कामकाज को जनता के सामने सार्वजनिक करने की बात कही।
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स्कूल पहुंचकर बनाया था वीडियो
शिक्षिका के वायरल वीडियो के मुताबिक उन्होंने 29 अगस्त की सुबह करीब 11 बजे स्कूल पहुंचने के बाद वीडियो बनाया था। वीडियो में उन्होंने अपना नाम और स्कूल में पदस्थापना की जानकारी देते हुए बताया कि वह ड्यूटी पर मौजूद हैं। इसी दौरान उन्होंने ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की और सरकारी व्यवस्था पर कई सवाल उठाए।

पहले कारण बताओ नोटिस, फिर निलंबन
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश के तहत उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। विभाग ने अपने आदेश में वीडियो को पदीय दायित्वों के विपरीत मानते हुए कहा कि इससे शासन और विभाग की छवि धूमिल हुई है।
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आचरण नियमों के तहत कार्रवाई
लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश में शिक्षिका के कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 और 10 के तहत कदाचार माना गया है। इसके आधार पर निर्मला कोमल लहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
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DEO ऑफिस रहेगा निलंबन मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान शिक्षिका को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। आदेश के मुताबिक निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जांजगीर-चांपा रहेगा।




















