महादेव सट्टा केस में ED का बड़ा एक्शन, शेयर बाजार में पहुंचा सट्टे का पैसा? निशांत पिट्टी के 59.60 करोड़ के शेयर अटैच

रायपुर: छत्तीसगढ़ के चर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने EaseMyTrip के सह-संस्थापक निशांत पिट्टी के खिलाफ रायपुर की विशेष PMLA अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है। ED का आरोप है कि अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी से हासिल रकम को विदेशी पोर्टफोलियो निवेश के जरिए भारतीय इक्विटी मार्केट में पहुंचाने की व्यवस्था की गई। इसी कार्रवाई के दौरान पिट्टी के 59.60 करोड़ मूल्य के डीमैट शेयरों को अनंतिम रूप से अटैच किया गया है।
ED की चार्जशीट में बड़ा दावा
प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, महादेव सट्टा नेटवर्क से कथित तौर पर हासिल रकम को अलग-अलग वित्तीय माध्यमों से शेयर बाजार तक पहुंचाने की कोशिश की गई। जांच में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) के जरिए इक्विटी मार्केट में धन लगाने का एंगल सामने आया है। ED ने इसी आधार पर निशांत पिट्टी को मामले में आरोपी बनाया है।
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59.60 करोड़ के शेयर क्यों हुए अटैच?
ED ने Prevention of Money Laundering Act यानी PMLA के तहत निशांत पिट्टी के करीब ₹59.60 करोड़ के डीमैट शेयरों को अनंतिम रूप से अटैच किया है। एजेंसी ने अदालत से इन शेयरों को जब्त करने की अनुमति भी मांगी है और इन्हें कथित तौर पर अपराध से अर्जित आय से जोड़ते हुए कार्रवाई की है।
स्टॉक मार्केट में कथित हेरफेर का एंगल
जांच एजेंसी के आरोपपत्र के मुताबिक, Easy Trip Planners Ltd. के शेयरों से जुड़ी कथित व्यवस्था में शेयर की कीमत और कंपनी के मार्केट कैपिटलाइजेशन को कृत्रिम रूप से बढ़ाने का एंगल भी सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले में अमरदीप शर्मा और महादेव केस से जुड़े आरोपी हरि शंकर टिबरेवाल का नाम भी जांच में आया है।
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निशांत पिट्टी का क्या कहना है?
निशांत पिट्टी ने मीडिया को दिए जवाब में कहा है कि उन्हें आरोपपत्र दाखिल होने की जानकारी नहीं थी और उन्हें संबंधित अदालत से समन भी नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि वे जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करते रहे हैं और आगे भी सहयोग करेंगे। पिट्टी ने अपने सभी लेन-देन को कानून के अनुरूप तथा अपनी संपत्तियों को वैध आय और बैंकिंग चैनलों से प्राप्त बताया है।
महादेव केस में अब तक क्या हुआ?
रिपोर्ट के मुताबिक, ED इस मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और करीब ₹1,885 करोड़ की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। जांच एजेंसी लंबे समय से कथित सट्टेबाजी नेटवर्क, हवाला लेन-देन, शेल कंपनियों और अपराध की आय को अलग-अलग परिसंपत्तियों में लगाने के आरोपों की जांच कर रही है।
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सौरभ चंद्राकर पर भी जांच जारी
महादेव ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के प्रमुख प्रमोटरों में सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल का नाम जांच में सामने आया है। एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध सट्टेबाजी के वित्तीय नेटवर्क की जांच कर रही हैं। सौरभ चंद्राकर को भारत लाने से जुड़ी प्रक्रिया भी इस मामले की जांच का अहम हिस्सा रही है।
क्या है महादेव सट्टा ऐप मामला?
महादेव ऐप मामला कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच से संबंधित है। जांच एजेंसियों के अनुसार, नेटवर्क विभिन्न वेबसाइटों और ऐप के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस और अन्य खेलों पर ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़ा था। कथित तौर पर रकम को अलग-अलग खातों, संस्थाओं और वित्तीय माध्यमों के जरिए घुमाकर वैध दिखाने की कोशिश की गई।
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अब आगे क्या?
निशांत पिट्टी के खिलाफ दाखिल आरोपपत्र और ₹59.60 करोड़ के शेयरों की अनंतिम कुर्की के बाद अब मामले में अदालत की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। ED ने इन शेयरों को कथित अपराध की आय बताते हुए आगे जब्ती की अनुमति मांगी है। वहीं पिट्टी ने आरोपों का विरोध करते हुए कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखने की बात कही है।




















