PU Special :समय की परीक्षा में सिस्टम फेल-2: इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर के हाल, ऑफिस सुबह 10 बजे से, फिर भी आधे से एक घंटा तक लेट पहुंच रहे अधिकारी-कर्मचारी

इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में 18, 21 और से 22 सितंबर 2026 के बीच सरकारी दफ्तरों की पड़ताल में तय समय पर कर्मचारियों की गैरमौजूदगी सामने आई। इंदौर में वन विभाग में 10.30 बजे तक सन्नाटा रहा, ग्वालियर में आरटीओ का गेट बंद मिला, जबकि जबलपुर में नगर निगम और कलेक्ट्रेट में 10 बजे तक कर्मचारी नहीं पहुंचे थे। पीपुल्स समाचार की पड़ताल में जानिए दफ्तरों का हाल।
समय की परीक्षा में सिस्टम फेल-2: इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर के हाल, ऑफिस सुबह 10 बजे से, फिर भी आधे से एक घंटा तक लेट पहुंच रहे अधिकारी-कर्मचारी
इंदौर। देवी अहिल्या विवि में दफ्तर तो 10 बजे खुला लेकिन 10.30 बजे के बाद कर्मचारियों का आना शुरू हुआ।

पीपुल्स टीम, इंदौर/जबलपुर/ग्वालियर। सरकारी दफ्तरों का समय सुबह 10 बजे है, लेकिन तीन शहरों में ‘पीपुल्स समाचार’ की पड़ताल (18, 21 और 22 सितंबर 2026) में सरकारी कामकाज की घड़ी अलग-अलग चलती मिली। कहीं 10 बजे दफ्तर खुला, लेकिन कुर्सियां खाली थीं और कर्मचारियों का इंतजार करना पड़ा। इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में 10.45 बजे तक करीब 80% स्टाफ पहुंचा, वहीं वन विभाग में 10.30 बजे तक सन्नाटा रहा। ग्वालियर में आरटीओ का गेट 10.30 बजे तक बंद मिला और कलेक्ट्रेट के कुछ विभागों में ताले लगे थे। जबलपुर में नगर निगम और कलेक्ट्रेट में 10 बजे तक कर्मचारी नहीं पहुंचे थे। 

इंदौर देवी अहिल्या विवि: 11 बजे तक आता रहा स्टाफ 

सुबह 10 बजे कार्यालय खुला, लेकिन अधिकांश कर्मचारी सीटों पर मौजूद नहीं थे। 10.15 बजे तक भी उपस्थिति बेहद कम रही। 10.30 से कर्मचारियों का आना शुरू हुआ और 10.45 बजे तक लगभग 80% स्टाफ पहुंचा। इसके बाद भी एक-दो कर्मचारी 11 बजे तक आए। उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक मशीन और रजिस्टर दोनों हैं। रजिस्टर में एंट्री मिली, लेकिन समय दर्ज नहीं था। देरी से पहुंचने का असर कार्यों पर पड़ने की बात सामने आई।

विद्यार्थियों ने कहा…

मैं छात्रवृत्ति संबंधी जानकारी लेने विश्वविद्यालय आई थी। कॉलेज से मुझे विश्वविद्यालय के भेजा गया था। काफी देर तक प्रतीक्षा करने के बाद अधिकारियों के आने पर अपनी समस्या का समाधान मिल सका।

-नेहा शर्मा, छात्रा, बीकॉम द्वितीय वर्ष

मुझे अपने कॉलेज से यह कहकर भेजा गया था कि अंकसूची विश्वविद्यालय से ही मिलेगी। सुबह 10 बजे  ही विश्वविद्यालय पहुंच गया था, लेकिन ये नहीं पता था कि यहां इतने जल्दी कोई नहीं आता।

-आदित्य वर्मा, छात्र, बीए द्वितीय वर्ष

वन विभाग : एक दो कर्मचारियों को छोड़कर ज्यादातर स्टाफ गायब

नवरतन बाग स्थित कार्यालय में सुबह करीब 9.50 बजे कार्यालय खुला था और सुरक्षा गार्ड मौजूद था। 10.30 बजे तक एक-दो कर्मचारियों को छोड़कर ज्यादा स्टाफ नजर नहीं आया। इसके बाद कर्मचारियों का आना शुरू हुआ। करीब 11 बजे तक कई कर्मचारी पहुंच चुके थे। दोपहर 12 बजे तक छोटे से लेकर वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। कुछ अधिकारी 10.45 बजे और कुछ करीब 11 बजे पहुंचे। यहां ई-अटेंडेंस मोबाइल एप से दर्ज होती है।

ग्वालियर RTO : 10.30 बजे तक ताला, कर्मचारी रहे नदारद

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सुबह 10.30 बजे तक गेट बंद मिला और कर्मचारी नदारद थे। परिवहन विभाग ने समय पर उपस्थिति के लिए आरटीओ को निर्देश देने की बात कही। 

जीआरएमसी अस्पताल: 1000 बिस्तरों वाला गजराराजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) का ओपीडी निर्धारित समय सुबह 9 बजे होने के बावजूद सुबह 10 बजे तक मरीज डॉक्टरों का इंतजार करते मिले। हालांकि दूसरे दिन संबंधित डॉक्टर के अवकाश पर होने की स्थिति भी सामने आई। जीवाजी विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने सुबह 10 से शाम 6 बजे तक कार्यालयीन समय का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की बात कही। नगर निगम ने देर से आने वालों की ऑनलाइन उपस्थिति जांचकर कार्रवाई प्रस्तावित करने की जानकारी दी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने समय पर उपस्थिति और देर से आने वालों पर कार्रवाई की व्यवस्था बताई।

आबकारी विभाग: बायोमेट्रिक व्यवस्था नहीं होने के बावजूद कुछ कर्मचारी निर्धारित समय पर मौजूद मिले।

जीवाजी विश्वविद्यालय: कई विभागों में छात्र कर्मचारियों का इंतजार करते मिले।

कलेक्ट्रेट: कुछ ऑफिस में सुबह 10.30 बजे तक ताले लगे थे। कई जगह कुर्सियां खाली मिलीं और कर्मचारी सीट से गायब थे।

नगर निगम: कुछ विभागों में सुबह 10 बजे के बाद भी कामकाज शुरू नहीं हुआ था।

जीआरएमसी अस्पताल: 1000 बिस्तरों वाला गजराराजा मेडिकल कॉलेज (जीआरएमसी) का ओपीडी निर्धारित समय सुबह 9 बजे होने के बावजूद सुबह 10 बजे तक मरीज डॉक्टरों का इंतजार करते मिले। हालांकि दूसरे दिन संबंधित डॉक्टर के अवकाश पर होने की स्थिति भी सामने आई।

पीड़ित ने कहा…

मुझे सांस लेने में दिक्कत है। डॉक्टर को दिखाने में ज्यादा समय नहीं लगा, लेकिन पर्ची बनवाने और दवा लेने में काफी समय लग गया। तबीयत खराब थी, ऊपर से यहां की भीड़ और भागदौड़ से परेशानी और बढ़ गई।

-गजेंद्र, मरीज, लहार

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी: अधिकारी और कर्मचारी समय पर काम करते मिले।

परेशान रहवासी ने कहा…

नया बिजली मीटर लगवाने पांच दिन से कार्यालय के चक्कर लगा रही हूं। फाइल जमा करने के बाद एमपी ऑनलाइन से आवेदन करने को कहा गया। अगर आवेदन ऑनलाइन ही करना है तो समस्या कौन दूर करेगा?

-तृष्णा सोनी, निवासी महलगांव

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जबलपुर CMHO : कार्यालय में साढ़े 10 के बाद आवाजाही

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सीएमएचओ कार्यालय में सुबह 10.45 बजे कर्मचारियों की आवाजाही शुरू हुई। तीनों दिन 10 बजे कुछ ही कर्मचारी ही नजर आए। 11 बजे के बाद सब दिखाई दिए।

पीड़ित ने कहा….

मैं दोनों पैर से विकलांग हूं। जीवनयापन करने के लिए बहुत परेशानियां रही हैं। जीवन निर्वाह करने के लिए विकलांगता राशि की गुहार लगाने कलेक्ट्रेट आया था, लेकिन अब तक कोई नहीं आया।

-श्रीकांत राजवंशी, पीड़ित,

कलेक्ट्रेट: कलेक्ट्रेट में कई ऑफिसों सुबह साढ़े 10 बजे तक अधिकारी-कर्मचारी नहीं पहुंचे थे। कक्ष खाली रहने से विभिन्न कार्यों के लिए आए लोगों को परेशानी हुई। मोबाइल ऐप से उपस्थिति दर्ज होने के बावजूद समय पर अटेंडेंस की निगरानी होती नजर नहीं आई।

नगर निगम: सुबह 10 बजे तक कई  ऑफिस में ताले नहीं खुले थे। ज्यादातर विभागों में केवल प्यून नजर आए। साढ़े 10 बजे के बाद अधिकारी-कर्मचारियों की आवाजाही शुरू हुई।

समय पर नहीं आने वालों पर कार्रवाई करेंगे

लापरवाही करने वालों और समय पर कार्यालय नहीं आने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित सभी अधिकारी- कर्मचारी जो समय पर नहीं आए है उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

-राघवेन्द्र सिंह, कलेक्टर, जबलपुर

एक नवंबर से सरकारी दफ्तरों में फेस रिकग्निशन सिस्टम

शासकीय कार्यालयों में सुबह 10 बजे तक उपस्थिति का नियम लागू है। व्यवस्था को सख्ती से प्रभावी बनाने के लिए 1 नवंबर से सरकारी दफ्तरों में 'फेस रिकग्निशन सिस्टम'  शुरू की जा रही है।

-शिवशेखर शुक्ला, अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग

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नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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