पुराने वीडियो पर बढ़ा विवाद अजय चंद्राकर पहुंचे कोर्ट, सुप्रिया श्रीनेत और नेहा राठौर के खिलाफ मानहानि परिवाद

धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी में 15 अगस्त के ध्वजारोहण को लेकर उठा वीडियो विवाद अब कोर्ट पहुंच गया है। कुरूद विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर के खिलाफ आपराधिक मानहानि का परिवाद पेश किया है। चंद्राकर का आरोप है कि भाजपा के पुराने प्रशिक्षण कार्यक्रम के वीडियो को स्वतंत्रता दिवस के ध्वजारोहण से जोड़कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। इससे पहले मामले में पुलिस शिकायत और FIR की जानकारी भी सामने आ चुकी है। अब न्यायालय उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय करेगा
धमतरी कोर्ट पहुंचे अजय चंद्राकर
15 अगस्त के ध्वजारोहण को लेकर सोशल मीडिया पर शुरू हुआ विवाद अब न्यायालय तक पहुंच गया है। कुरूद विधायक अजय चंद्राकर मंगलवार को धमतरी सत्र न्यायालय पहुंचे और कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत तथा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर के खिलाफ आपराधिक मानहानि का परिवाद पेश किया। उनके साथ भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता भी न्यायालय पहुंचे।

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विवाद की शुरुआत पुराने वीडियो से
विवाद उस वीडियो को लेकर है, जिसमें अजय चंद्राकर भाजपा का झंडा फहराते नजर आते हैं। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को 15 अगस्त 2026 के स्वतंत्रता दिवस समारोह से जोड़कर प्रसारित किए जाने का आरोप लगाया गया था। उपलब्ध रिपोर्टों में इस वीडियो को मार्च 2026 में हुए भाजपा प्रशिक्षण कार्यक्रम का बताया गया है।
चंद्राकर का दावा- 15 अगस्त को फहराया था तिरंगा
अजय चंद्राकर का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस पर राज्य शासन की ओर से उन्हें धमतरी के मुख्य समारोह में अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। उन्होंने एकलव्य खेल मैदान में निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। इस संबंध में उनके स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम की जानकारी भी सामने आई थी।
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सुप्रिया और नेहा पर क्या आरोप?
विधायक का आरोप है कि भाजपा के प्रशिक्षण कार्यक्रम के पुराने वीडियो को कथित तौर पर अलग संदर्भ में सोशल मीडिया पर साझा किया गया। उनके मुताबिक, पोस्ट के जरिए ऐसा संदेश गया कि 15 अगस्त को राष्ट्रीय ध्वज के स्थान पर भाजपा का झंडा फहराया गया।
पहले FIR, अब मानहानि परिवाद
इस विवाद में इससे पहले पुलिस शिकायत और FIR की जानकारी भी सामने आई थी। 18 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रिया श्रीनेत, नेहा सिंह राठौर और एक सोशल मीडिया पेज के खिलाफ जीरो FIR दर्ज होने की जानकारी पुलिस की ओर से दी गई थी, जिसे आगे धमतरी भेजे जाने की बात कही गई थी।
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अब कोर्ट में होगी अगली प्रक्रिया
अजय चंद्राकर के अधिवक्ता विशाल शुक्ला के मुताबिक, न्यायालय में आपराधिक मानहानि का परिवाद प्रस्तुत किया गया है। परिवाद में आर्थिक क्षतिपूर्ति की मांग नहीं किए जाने और आपराधिक मानहानि के तहत कार्रवाई एवं सजा की मांग किए जाने की जानकारी दी गई है।
13 मार्च के VIDEO को 15 अगस्त से जोड़ने का आरोप
परिवाद से जुड़े अधिवक्ता के अनुसार, विवादित वीडियो भाजपा के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान 13 मार्च को हुए ध्वजारोहण का बताया गया है। आरोप है कि इसे बाद में स्वतंत्रता दिवस के संदर्भ में सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। हालांकि, अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में प्रशिक्षण कार्यक्रम की तारीख 22 मार्च/मार्च 2026 भी बताई गई है, इसलिए अंतिम तारीख का निर्धारण न्यायालय में पेश साक्ष्यों और आधिकारिक रिकॉर्ड से होगा।
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कोर्ट के सामने अब साक्ष्यों की होगी परीक्षा
अब न्यायालय उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों, वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय करेगा। यानी 15 अगस्त के ध्वजारोहण से शुरू हुआ सोशल मीडिया विवाद अब पुलिस कार्रवाई से आगे बढ़कर न्यायिक प्रक्रिया में पहुंच चुका है।




















