Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

Kaal Bhairav Ashtami 2025 :इस रात जागता है महाकाल का उग्र रूप, जानें भैरव अष्टमी का सबसे शक्तिशाली शुभ मुहूर्त

कालभैरव अष्टमी के पवित्र दिन भगवान कालभैरव की आराधना से नकारात्मक ऊर्जा, भय और पापों से मुक्ति मिलती है। जानें कैसे करें पूजा, कौन-कौन से उपाय और मंत्र से जीवन में सुख, शांति और सुरक्षा आती है।
इस रात जागता है महाकाल का उग्र रूप, जानें भैरव अष्टमी का सबसे शक्तिशाली शुभ मुहूर्त
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    धर्म डेस्क। कालभैरव अष्टमी, जिसे भैरव अष्टमी या कालाष्टमी भी कहा जाता है, वह रात है जब भगवान शिव के उग्र और रक्षक रूप 'कालभैरव' की विशेष पूजा-अराधना की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस रात्रि में भगवान कालभैरव की ऊर्जा सबसे अधिक प्रबल होती है, इसलिए इस दिन की पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है।

    मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालभैरव जयंती मनाई जाती है। इस साल यह तिथि 11 नवंबर से शुरू होकर 12 नवंबर तक रहेगी। अतः 12 नवंबर को कालभैरव जयंती का पर्व पूरे श्रद्धा भाव से मनाया जाएगा।

    कालभैरव का पौराणिक महत्व

    शिवपुराण के अनुसार, भगवान शिव के क्रोध से ही कालभैरव का प्रकट हुए थे। जब अंधकासुर ने अहंकारवश शिव पर हमला किया, तब शिव के रक्त से भैरव प्रकट हुए। इसलिए उन्हें 'भय नाशक' और शिव का उग्र रूप माना जाता है। भक्तों का विश्वास है कि उनकी पूजा से भय, रोग और दुर्भाग्य दूर होते हैं।

    भैरव अष्टमी 2025- शुभ मुहूर्त

    तिथि प्रारंभ- 11 नवंबर 2025, रात 11:08 बजे

    तिथि समाप्त- 12 नवंबर 2025, सुबह 10:58 बजे

    इस अवधि में ही कालभैरव अष्टमी की पूजा-अराधना करना सबसे फलदायी मानी जाती है।

    कालभैरव जयंती पर करें ये उपाय

    • पूजा के बाद भगवान को मीठी रोटी, नारियल या जलेबी का भोग लगाएं।
    • भगवान के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
    • भैरव चालीसा या भैरव अष्टक का पाठ करें।
    • भगवान के चरणों में काले धागे का अर्पण करें और मंत्र ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं का जाप करें।
    • काले कुत्ते को रोटी या दूध देना शुभ माना जाता है।
    • इन उपायों से नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है और जीवन में सुख-शांति आती है।

    कालभैरव जयंती के प्रमुख मंत्र

    ॐ कालभैरवाय नमः
    ॐ भयहरणं च भैरव
    ॐ भ्रां कालभैरवाय फट्
    ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नमः

    People's Reporter
    By People's Reporter

    Latest Posts