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दद्दाजी प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा समारोह में होगा महारुद्राभिषेक, असंख्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण

आशुतोष राणा ने मुख्यमंत्री को दिया प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आमंत्रण
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दद्दाजी प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा समारोह में होगा महारुद्राभिषेक, असंख्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा इन दिनों अपने गृहप्रदेश मध्यप्रदेश में हैं। बुधवार को राणा ने सीएम हाउस पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की।  इस दौरान अभिनेता राणा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कटनी जिले में 9 से 13 नवंबर 2025 तक आयोजित होने वाले पांच दिवसीय गुरुवर देवप्रभाकर शास्त्री की प्रतिमा के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में आमंत्रित किया। राणा ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस महोत्सव के अंतर्गत असंख्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण, महारुद्राभिषेक और अमृतमयी कथा जैसे पवित्र धार्मिक आयोजन संपन्न होंगे। 

    देशभर की हस्तियों को न्योता

    राणा ने मुख्यमंत्री को आमंत्रण पत्र भेंट करते हुए उन्हें सपरिवार इस पुण्य अवसर पर पधारने के लिए आत्मीय निमंत्रण दिया। इस अवसर पर कटनी जिले के विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभिनेता राणा के आमंत्रण के प्रति धन्यवाद देते हुए आयोजन की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। गौरतलब है कि इससे पहले राणा ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल को भी प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आमंत्रण दिया। आशुतोष राणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से भी मिले और उन्हें भी समारोह के न्योता दिया। सूत्रों के अनुसार प्राण प्रतिष्ठा समारोह में देशभर से राजनीति, उद्योग और फिल्म जगत की हस्तियां शामिल होंगी।  

    गृहस्थ संत थे देवप्रभाकर शास्त्री दद्दाजी

    पं. देवप्रभाकर शास्त्री दद्दाजी का जन्म अनंत चतुर्दशी 19 सितम्बर 1937 को हुआ था। उनका जन्म मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के तहसील सिहोरा के ग्राम कूंडा में एक साधारण किसान के यहां हुआ था। इनके पिता नाम गिरधारी दत्त त्रिपाठी और माता का नाम ललिता देवी था। वह करपात्री महाराज के शिष्य थे। प्रारंभिक शिक्षा के बाद इन्होंने नारायण संस्कृत महाविद्यालय कटनी से संस्कृत की शिक्षा प्राप्त की थी। इसके बाद दद्दाजी वाराणसेय संस्कृत विश्व विद्यालय वाराणसी में वेद-वेदांगों का अध्ययन करने चले गए। वहां महाविद्यालयों में प्रध्यापक रहकर अध्यापन कार्य कराया। वे गृहस्थ संत थे। दद्दाजी के देश और विदेश में 3 लाख अधिक दीक्षित शिष्य हैं। वहीं, 16 लाख से अधिक अनुयायी हैं। इनमें कई अभिनेता, राजनेता आदि शामिल हैं।  

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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