झारखंड में छात्रों का बड़ा प्रदर्शन, तिरंगा यात्रा के बाद 20 अगस्त को CM आवास घेराव का ऐलान

गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। रांची में चल रहा छात्रों का प्रदर्शन 16 अगस्त को 23वें दिन में पहुंच गया। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छात्रों ने राजधानी रांची में तिरंगा यात्रा निकाली और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग उठाई। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सरकार को साफ चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो वे 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करेंगे। छात्रों ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई है।
15 अगस्त को रांची में निकली तिरंगा यात्रा
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बड़ी संख्या में छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। यह यात्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक पर समाप्त हुई। छात्र हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाते हुए आगे बढ़े। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन केवल एक परीक्षा को लेकर नहीं है, बल्कि पूरी भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता और भरोसा बहाल करने की मांग को लेकर है। इस यात्रा में कुछ ऐसे छात्र भी शामिल हुए, जो लंबे समय से अनशन पर बैठे हैं। इनमें व्हीलचेयर पर मौजूद प्रदर्शनकारी भी नजर आए।
20 अगस्त को CM आवास घेरने का ऐलान
छात्र नेताओं ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया है। उनका कहना है कि अगर सरकार उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। JSSC-JPSC रिफॉर्म मंच के नेताओं ने कहा कि छात्रों की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि जिन परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप हैं, उनकी जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। उन्होंने जांच के लिए CBI या झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति बनाने की मांग की है।
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किन परीक्षाओं पर उठ रहे सवाल?
छात्रों ने कुछ भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनकी प्रमुख मांगों में संदिग्ध मानी जा रही JSSC-CGL और कुछ JPSC परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच और जरूरत पड़ने पर उन्हें रद्द करना शामिल है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिस पर हर अभ्यर्थी को भरोसा हो। उनका आरोप है कि अगर परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी होती है तो इसका सीधा असर हजारों युवाओं के भविष्य पर पड़ता है। छात्रों का कहना है कि वे किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि अपने रोजगार और भविष्य के लिए आंदोलन कर रहे हैं।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने झारखंड की सत्तारूढ़ व्यवस्था पर भी निशाना साधा है। उनका आरोप है कि सरकार उनकी शिकायतों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं कर रही है। JSSC-JPSC रिफॉर्म मंच के नेताओं ने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग तक उठाई है। उनका कहना है कि जब तक भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्रों का भरोसा वापस नहीं आता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने रविवार को राज्य के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाने का भी ऐलान किया था।
राहुल गांधी से भी छात्रों ने पूछा सवाल
आंदोलन कर रहे छात्रों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राहुल गांधी ने पहले छात्रों के मुद्दे पर समर्थन जताया था, लेकिन इसके बाद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। छात्र नेताओं ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं करती है तो कांग्रेस को झामुमो सरकार से अपना समर्थन वापस लेने पर विचार करना चाहिए। हालांकि, ये प्रदर्शनकारियों के आरोप और मांगें हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का आधिकारिक जवाब अलग से देखा जाना जरूरी है।
अनशन कर रहे छात्र नेता को लेकर विवाद
आंदोलन के दौरान अनशन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र मांझी को लेकर भी विवाद सामने आया। बताया गया कि वह तिरंगा यात्रा में शामिल होना चाहते थे। देवेंद्र मांझी पिछले कई दिनों से अनशन पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें रांची के सदर अस्पताल से बाहर निकलने से रोका, ताकि वह यात्रा में शामिल न हो सकें। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की की बात भी सामने आई। सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच विवाद जैसी स्थिति दिखाई दी।
छात्रों ने कहा- यह हजारों युवाओं के भविष्य की लड़ाई
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन सिर्फ किसी एक परीक्षा या भर्ती को लेकर नहीं है। वे पूरी भर्ती व्यवस्था में सुधार चाहते हैं। छात्र नेताओं के मुताबिक, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में युवाओं को कई साल लग जाते हैं। ऐसे में अगर परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं तो अभ्यर्थियों का समय, पैसा और मेहनत प्रभावित होती है।
बीजेपी ने भी CBI जांच की मांग की
छात्रों के आंदोलन के बीच बीजेपी की ओर से भी सरकार पर सवाल उठाए गए हैं। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी विधायक चंपई सोरेन ने कथित भर्ती अनियमितताओं की CBI जांच की मांग की। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर भर्ती प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है तो CBI जांच की सिफारिश करने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। चंपई सोरेन ने यह भी कहा कि कई छात्र स्वतंत्रता दिवस के दिन भी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन करने को मजबूर हैं।












