28 करोड़ की सीहोर-श्यामपुर सड़क 6 महीने भी नहीं चली, कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोले-जिम्मेदारों पर हो कार्रवाई

सीहोर। शहर की बदहाल सड़कों को लेकर सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती ने नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस विकास राठौर के लोक निर्माण विभाग कार्यालय पहुंचकर मंडी क्षेत्र की सड़क की दुर्दशा सामने रखने के कदम का समर्थन किया है। गुजराती ने कहा कि देर से ही सही, नपाध्यक्ष ने अपनी ही सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सामने सड़कों की जमीनी हकीकत का आईना रखा है। हालांकि अब असली सवाल यह है कि यह मामला सिर्फ बयान और निरीक्षण तक सीमित रहेगा या जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी होगी।
प्रिंस ने उठाई आवाज, कांग्रेस ने दी बधाई
राजीव गुजराती ने कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस विकास राठौर का सड़क की खराब हालत को लेकर पीडब्ल्यूडी कार्यालय पहुंचना स्वागत योग्य कदम है। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष से जुड़े जनप्रतिनिधि द्वारा ही अधिकारियों के सामने सड़क की दुर्दशा का मुद्दा उठाना बताता है कि शहर की सड़कों की स्थिति को लेकर सवाल गंभीर हैं। गुजराती ने नपाध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि अब शहर की जनता उनके अगले कदम और ठोस रिस्पांस का इंतजार कर रही है।
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28 करोड़ की सड़क छह महीने भी नहीं टिक सकी
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने श्यामपुर सड़क की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 28 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क निर्माण के छह महीने के भीतर ही खराब होकर उखड़ने लगी। गुजराती ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद भी सड़क की हालत ऐसी क्यों हो गई और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सड़क पर बने गड्ढे आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन चुके हैं। रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को जोखिम उठाना पड़ रहा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने मांग की कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए और दोषी पाए जाने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई हो।
सिर्फ चार किलोमीटर नहीं, पूरे 28 किलोमीटर का हिसाब चाहिए
गुजराती ने नपाध्यक्ष के स्तर से उठाए जा रहे करीब चार किलोमीटर सड़क के मुद्दे पर भी सवाल किया। उन्होंने कहा कि अगर समस्या चार किलोमीटर तक सीमित नहीं है तो बाकी करीब 24 किलोमीटर सड़क की स्थिति का भी जवाब चाहिए। शहर की जनता वर्षों से फोरलेन सड़क की उम्मीद लगाए बैठी है, लेकिन जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक मौजूदा सड़क की बदहाली से जनता को राहत दिलाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सड़क किस विभाग के हिस्से में आती है, इससे आम जनता को कोई लेना-देना नहीं है। जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सड़क चाहिए। विभागों की जिम्मेदारी तय कर सड़क सुधार का काम तत्काल शुरू किया जाना चाहिए।
नपा और एमपीआरडीसी अपने-अपने हिस्से की सड़क सुधारें
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने मांग की कि नगरपालिका अपने हिस्से की सड़कों का तत्काल सुधार कराए और मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन यानी एमपीआरडीसी अपने हिस्से की श्यामपुर सड़क का जीर्णोद्धार कराए। उनका कहना है कि विभागीय सीमा का हवाला देकर जनता की परेशानी को टाला नहीं जा सकता। उन्होंने हाउसिंग बोर्ड से फंदा तक बन रही करीब 40 करोड़ रुपये की सड़क की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि निर्माण के दौरान ही गुणवत्ता की निगरानी की जाए, ताकि बाद में करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद सड़क खराब होने की स्थिति न बने।
हैंडओवर हुई छह सड़कें भी बदहाल
गुजराती ने बताया कि लोक निर्माण विभाग से नगरपालिका को हैंडओवर की गई शहर की छह प्रमुख सड़कों की हालत भी देखरेख के अभाव में खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि जगह-जगह गड्ढे, उड़ती धूल और टूटे हिस्से लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कोतवाली ढाल से लीसा टॉकीज तक और एमपीबी चौराहे पर करीब दो महीने पहले किए गए डामरीकरण का भी उल्लेख किया। गुजराती के अनुसार इन सड़कों पर भी डामर उखड़ने के सवाल सामने आ रहे हैं। उन्होंने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
सड़क मुद्दे पर कांग्रेस पहले भी खोल चुकी है मोर्चा
राजीव गुजराती ने कहा कि कांग्रेस सड़क की बदहाली के मुद्दे पर लगातार जनता की आवाज उठा रही है। श्यामपुर रोड की दुर्दशा को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा निकाली और प्रदर्शन किया। ठेकेदारों और लापरवाह अधिकारियों पर एफआईआर की मांग भी उठाई गई। बिजौरी के टूटे पुल को लेकर भी कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता पंकज शर्मा ने सड़क के मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए मुंडन तक कराया। इसके बावजूद यदि जिम्मेदारी तय नहीं होती है तो यह व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।
बधाई के बाद अब प्रिंस के अगले कदम पर नजर
गुजराती ने कहा कि नपाध्यक्ष प्रिंस विकास राठौर ने अधिकारियों के सामने शहर की सड़कों की स्थिति रखकर हिम्मत दिखाई है और इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। लेकिन अब केवल बयानबाजी से काम नहीं चलेगा। जनता को सड़क पर परिणाम चाहिए। उन्होंने भाजपा विधायक, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधियों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सड़क निर्माण की गुणवत्ता और जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की। गुजराती ने कहा कि घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदारों और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अब कांग्रेस की इस सियासी बधाई के बाद शहर की नजर नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस विकास राठौर के अगले कदम और जवाब पर टिकी है।




















