मतदाता जागरूकता अभियान, सारिका घारू ने राज्य निर्वाचन आयोग को सौंपी रिपोर्ट

सोहागपुर। सारिका घारू ने बताया कि पंचायत चुनावों में सामान्य तौर पर आधिकारिक स्तर पर मतदाता जागरूकता गतिविधियां सीमित रहती हैं, लेकिन इस बार विशेष पहल के तहत व्यापक अभियान चलाया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में पपेट शो सहित पारंपरिक प्रचार माध्यमों से मतदाताओं को मतदान के अधिकार, जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी के महत्व की जानकारी दी गई।
राज्य स्तर पर चलाया गया विशेष जागरूकता अभियान
सारिका घारू ने बताया कि पंचायत उपनिर्वाचन होने के बावजूद राज्य स्तर पर व्यापक सक्रियता दिखाते हुए मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार श्रीवास्तव और सचिव दिनेश श्रीवास्तव की विशेष पहल से पंचायत चुनावों में मतदाता जागरूकता को लेकर चली आ रही सीमित गतिविधियों की धारणा को बदलने का प्रयास किया गया।
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ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक माध्यमों का उपयोग
मतदाता जागरूकता अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों की परिस्थितियों और स्थानीय परिवेश को ध्यान में रखते हुए पपेट शो सहित पारंपरिक प्रचार माध्यमों का उपयोग किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में मतदाताओं से सीधे संवाद कर उन्हें मतदान के अधिकार, जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी के महत्व से अवगत कराया गया।
मतदाताओं के फीडबैक को रिपोर्ट में किया शामिल
सारिका घारू ने बताया कि आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट में मतदाताओं से सीधे संवाद के दौरान सामने आए सुझाव और फीडबैक को भी शामिल किया गया है। जमीनी स्तर से प्राप्त यह जानकारी आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में मतदाता जागरूकता की रणनीति तैयार करने में उपयोगी साबित हो सकती है।
आगामी चुनावों के लिए गतिविधियां और प्रभावी बनाने के निर्देश
रिपोर्ट सौंपे जाने के दौरान आयोग की अवर सचिव रीता डेहरिया ने प्राप्त फीडबैक के आधार पर आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मतदाता जागरूकता गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अभियान से मिले जमीनी अनुभव और सुझावों को आगामी रणनीति में शामिल किए जाने पर जोर दिया गया।




















