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उमरिया में रोजगार का संकट, रोजाना 200 से 300 मजदूर परिवार के साथ कर रहे पलायन; स्टेशनों पर उमड़ी भीड़

उमरिया के ग्रामीण अंचलों में रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय स्तर पर काम के अभाव में मजदूर पूरे परिवार, दुधमुंहे बच्चों और गृहस्थी के सामान के साथ दूसरे जिलों और राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।
उमरिया में रोजगार का संकट, रोजाना 200 से 300 मजदूर परिवार के साथ कर रहे पलायन; स्टेशनों पर उमड़ी भीड़
उमरिया में रोजगार का संकट

उमरिया। चंदिया रेलवे स्टेशन समेत प्रमुख बस अड्डों पर मजदूरों की भारी भीड़ सरकारी रोजगार योजनाओं के दावों की जमीनी हकीकत बयां कर रही है। जिले भर से रोजाना 200 से 300 मजदूर फसलों की कटाई और मजदूरी के लिए दूसरे जिलों और राज्यों की ओर रवाना हो रहे हैं।

गांवों में काम नहीं मिलने से पलायन

जिले के ग्रामीण इलाकों में स्थानीय स्तर पर मजदूरी का पक्का जरिया नहीं बचा है। मजदूरों का कहना है कि गांव में कई-कई दिनों तक कोई काम नहीं मिलता, ऐसे में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो जाता है और बाहर मजदूरी के लिए जाना ही एकमात्र रास्ता बचता है।

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परिवार और बच्चों को साथ लेकर जा रहे मजदूर

उमरिया और चंदिया रेलवे स्टेशन के अलावा प्रमुख बस अड्डों पर रोजाना मजदूरों की भारी भीड़ दिखाई दे रही है। मजदूर पूरे परिवार, दुधमुंहे बच्चों और गृहस्थी के सामान के साथ ट्रेनों, पिकअप और अन्य निजी वाहनों से पड़ोसी जिलों और राज्यों की ओर रवाना हो रहे हैं।

फसलों की कटाई और मजदूरी के लिए बाहर जाना मजबूरी

स्टेशनों पर परिवार के साथ ट्रेन का इंतजार कर रहे मजदूरों का कहना है कि गांवों में लगातार काम नहीं मिलता। ऐसे में घर का चूल्हा जलाने और बच्चों का पेट भरने के लिए बाहर जाना पड़ता है, जबकि बाहर मजदूरी मिलने से परिवार का खर्च चलाना संभव हो पाता है।

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ग्रामीणों ने कहा-नियमित रोजगार मिले तो घर क्यों छोड़ें

ग्रामीण काशी ने कहा कि गांव में कई-कई दिनों तक कोई काम नहीं मिलता। खाली बैठकर परिवार का खर्च चलाना नामुमकिन हो गया है, जबकि बाहर मजदूरी मिल जाती है। वहीं ग्रामीण श्रमिक मेंदु ने कहा कि स्थानीय स्तर पर मजदूरी का कोई पक्का जरिया नहीं बचा है, इसलिए पूरे परिवार और बच्चों को साथ लेकर काम की तलाश में बाहर जाना पड़ रहा है।

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कलेक्टर बोलीं- पलायन की वास्तविक स्थिति की समीक्षा होगी

उमरिया कलेक्टर राखी सहाय ने कहा कि ग्रामीण इलाकों से मजदूरों के पलायन का मामला संज्ञान में आया है। पूरे मामले की विस्तृत जांच करवाई जा रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की वर्तमान उपलब्धता और पलायन की वास्तविक स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

Sanjay Tiwari
By Sanjay Tiwari

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