Jantar Mantar Protest:दिल्ली में देर रात बवाल के बाद अभिजीत दीपके का ऐलान, बोले- 'सरकार चाहे जो करे'...

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता और समर्थक अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। इस बीच पार्टी ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन स्थल के आसपास इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। पार्टी का कहना है कि यह कदम आंदोलन को कमजोर करने और प्रदर्शनकारियों की आवाज दबाने की कोशिश हो सकता है। हालांकि, इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से इंटरनेट बंद करने को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। दूसरी ओर, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इलाके में पूरी तरह सतर्क हैं ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
अभिजीत दीपके ने इंटरनेट बंद करने पर उठाए सवाल
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार आंदोलन के खिलाफ एक बार फिर सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है। दीपके ने कहा कि अगर इंटरनेट सेवा बंद की गई है तो इससे प्रदर्शनकारियों को अपनी बात लोगों तक पहुंचाने में परेशानी होगी। उन्होंने सरकार से पारदर्शिता बरतने और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने की अपील की।
'हमारा आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा'
अभिजीत दीपके ने एक अन्य पोस्ट में साफ कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और अहिंसक रहेगा। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से भी शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि किसी भी स्थिति में हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया जाएगा। उन्होंने प्रदर्शन स्थल पर तैनात पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों से भी अपील की कि वे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग न करें। दीपके ने कहा कि आंदोलन में शामिल लोग अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखना चाहते हैं और सभी को संविधान के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है।
'संसद चलो' मार्च के बाद बढ़ा विवाद
20 जुलाई को CJP की ओर से 'संसद चलो' मार्च निकाला गया था। प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन रास्ते में दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस घटना के बाद कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर सामने आई। इसके बाद से ही जंतर-मंतर पर धरना लगातार जारी है।
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बल प्रयोग को लेकर आमने-सामने CJP और दिल्ली पुलिस
मार्च के दौरान हुई कार्रवाई को लेकर CJP और दिल्ली पुलिस के बीच अलग-अलग दावे सामने आए हैं। CJP का आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया। पार्टी का कहना है कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था, लेकिन फिर भी पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की थी। पुलिस के मुताबिक, हालात को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।
सोनम वांगचुक ने सरकार से मांगा भरोसा
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी केंद्र सरकार से अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार यह भरोसा दे दे कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ दोबारा बल प्रयोग नहीं होगा और उनके खिलाफ कोई FIR या अन्य कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी, तो वह अपना आमरण अनशन समाप्त कर देंगे।
अनशन के दौरान 11 किलो वजन कम होने का दावा
सोनम वांगचुक ने बताया कि आमरण अनशन के दौरान उनका करीब 11 किलोग्राम वजन कम हो चुका है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से अनशन पर रहने के कारण उनकी शारीरिक स्थिति पहले जैसी नहीं रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वह जल्द से जल्द अपने सामान्य कामकाज में लौटना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि सरकार प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट आश्वासन दे। उनका कहना है कि भरोसा मिलने पर वह उसी दिन अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं।
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जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। प्रदर्शन स्थल पर आने-जाने वालों की भी जांच की जा रही है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। प्रशासन का कहना है कि राजधानी की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
अब सभी की नजर केंद्र सरकार के अगले कदम पर है। अगर सरकार प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई को लेकर कोई स्पष्ट आश्वासन देती है, तो सोनम वांगचुक अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं। वहीं, CJP ने भी साफ कर दिया है कि उनका आंदोलन आगे भी शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।











