CJP Protest :संसद मार्च के बाद भी नहीं थमा CJP का आंदोलन, जंतर-मंतर पर फिर जुटे प्रदर्शनकारी; धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन मंगलवार को भी जारी है। सोमवार को जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार झड़प हुई थी। इसके बाद शाम को पुलिस ने जंतर-मंतर खाली करा दिया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद प्रदर्शनकारी फिर लौट आए और देर रात तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। बता दें कि मंगलवार सुबह बारिश के बीच भी बड़ी संख्या में समर्थक जंतर-मंतर पहुंचे। संगठन ने साफ कहा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा।
अभिजीत दीपके बोले- आंदोलन नहीं होगा खत्म
CJP के प्रमुख चेहरों में शामिल अभिजीत दीपके ने कहा कि संसद मार्च आगे भी जारी रहेगा और प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से नहीं हटेंगे। उनका कहना है कि सरकार ने उनकी मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
हालांकि दीपके ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। उनके साथ 22 दिन से भूख हड़ताल कर रहे तीन अन्य छात्रों ने भी उपवास खत्म कर दिया, लेकिन आंदोलन जारी रखने का फैसला लिया गया है।
सरकार और CJP की बैठक बेनतीजा रही
सोमवार को भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने CJP के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। करीब 10 मिनट चली इस बैठक में संगठन ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं-
- सोनम वांगचुक को अस्पताल से रिहा किया जाए।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
- आत्महत्या करने वाले NEET छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए।

सूत्रों के मुताबिक सरकार की ओर से किसी भी मांग पर स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया गया। नड्डा ने केवल आंदोलन समाप्त कर प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के आरोप-प्रत्यारोप
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया, कई युवाओं को गंभीर चोटें आईं और महिलाओं के साथ भी बदसलूकी हुई। उनका दावा है कि आंदोलन अब और तेज होगा।
वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि संसद मार्च के दौरान प्रदर्शन हिंसक हो गया था। पुलिस के अनुसार-
- 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए।
- करीब 60 प्रदर्शनकारी भी घायल हुए।
- लगभग 70 लोगों को हिरासत में लिया गया।
- 15 से 20 सरकारी वाहनों और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
- उपद्रव, पुलिस पर हमला और तोड़फोड़ के आरोप में BNS के तहत FIR दर्ज की गई है।
- नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि झड़पों में 90 से 100 पुलिसकर्मी और 50 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं।
सोनम वांगचुक अस्पताल में, हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने से इनकार कर दिया है। उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बर्बर कार्रवाई की। वांगचुक फिलहाल सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने अस्पताल से उनकी मेडिकल रिपोर्ट और हेल्थ बुलेटिन तलब किया है। कोर्ट मंगलवार को रिपोर्ट देखने के बाद आगे का फैसला करेगा। अस्पताल की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
हिंसा के मामले में FIR, CCTV की जांच
दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस के रीगल सिनेमा के पास हुई हिंसा के मामले में FIR दर्ज कर ली है। पुलिस अब CCTV फुटेज की जांच कर रही है ताकि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा सके।
दिल्ली बॉर्डर और संसद मार्ग पर सुरक्षा कड़ी
संसद मार्च के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। संसद मार्ग के अलावा सिंघु, टिकरी, धांसा, कापसहेड़ा, नजफगढ़ और अन्य प्रमुख बॉर्डर इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। आने-जाने वाले वाहनों और संदिग्ध लोगों की सघन जांच की जा रही है।
आंदोलन की तीन मुख्य मांगें
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
- सोनम वांगचुक को अस्पताल से रिहा किया जाए।
- NEET से जुड़े मामलों में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए।











