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Janjgir Champa :VIP काफिले के आगे थमी एंबुलेंस, मरीज की जिंदगी से बड़ा बना मंत्री प्रोटोकॉल

मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के काफिले के दौरान एंबुलेंस के रुकने का दावा, सामने आई तस्वीरों ने VIP कल्चर पर उठाए सवाल,बीजेपी कार्यालय से मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का काफिला निकल रहा था। इसी दौरान चांपा की ओर से मरीज को लेकर आ रही एक एंबुलेंस काफिले के सामने पहुंची और रुक गई। आरोप है कि एंबुलेंस को तत्काल रास्ता नहीं दिया गया
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VIP काफिले के आगे थमी एंबुलेंस, मरीज की जिंदगी से बड़ा बना मंत्री प्रोटोकॉल

प्रेम कुमार रायपुर: जांजगीर-चांपा में VIP मूवमेंट के दौरान एंबुलेंस को रोके जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के काफिले के गुजरने के दौरान मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस को करीब पांच मिनट तक इंतजार करना पड़ा। सामने आई तस्वीरों ने VIP व्यवस्था और मरीजों की प्राथमिकता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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VIP मूवमेंट के बीच एंबुलेंस रुकी

जांजगीर-चांपा में बीजेपी कार्यालय से मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का काफिला निकल रहा था। इसी दौरान चांपा की ओर से मरीज को लेकर आ रही एक एंबुलेंस काफिले के सामने पहुंची और रुक गई। आरोप है कि एंबुलेंस को तत्काल रास्ता नहीं दिया गया और उसे काफिले के आने से पहले रास्ता साफ करके के डियूटी में तैनात पुलिस के जवानों ने सभी गाड़ियों का रास्ता रोक दिया। और मंत्री की काफिले गुजरने तक इंतजार करना पड़ा।

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करीब 5 मिनट तक इंतजार का दावा

सामने आई तस्वीरों के मुताबिक एंबुलेंस सड़क पर रुकी रही, जबकि VIP काफिला आगे बढ़ता रहा। दावा किया जा रहा है कि एंबुलेंस को करीब पांच मिनट तक रास्ता मिलने का इंतजार करना पड़ा। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में संबंधित प्रशासन या पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

पायलट वाहन और ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल

मामले में आरोप है कि VIP काफिले की पायलट गाड़ियों और यातायात व्यवस्था में तैनात जवानों ने एंबुलेंस को तत्काल प्राथमिकता नहीं दी। यही वजह है कि अब VIP मूवमेंट के दौरान इमरजेंसी वाहनों के लिए रास्ता सुनिश्चित करने वाली व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

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मरीज के लिए हर सेकंड अहम

एंबुलेंस में मरीज होने की स्थिति में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। अस्पताल पहुंचने में होने वाली देरी कई बार मरीज की स्थिति पर असर डाल सकती है। ऐसे में सवाल यह है कि VIP मूवमेंट के दौरान क्या एंबुलेंस को सबसे पहले रास्ता नहीं मिलना चाहिए?

तस्वीरों ने बढ़ाई बहस

घटना की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर VIP कल्चर को लेकर बहस तेज हो सकती है। एक ओर सार्वजनिक कार्यक्रमों और VIP मूवमेंट के दौरान सुरक्षा व्यवस्था जरूरी होती है, लेकिन दूसरी ओर एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों को निर्बाध रास्ता देना भी व्यवस्था की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

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VIP रुतबा या मरीज की जिंदगी?

इस घटना ने सीधा सवाल खड़ा कर दिया है—सड़क पर प्राथमिकता किसे मिलेगी? VIP काफिले को या जिंदगी बचाने के लिए दौड़ रही एंबुलेंस को? सवाल केवल मंत्री के काफिले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी ट्रैफिक और VIP मूवमेंट व्यवस्था से जुड़ा है।

PREM

मै People's Updates रायपुर,छग में CHIEF EDITOR के पद में कार्यरत हूँ।अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत...Read More

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