PU Special :SEIAA में टकराव: अब अपर मुख्य सचिव के खिलाफ अध्यक्ष ने खोला मोर्चा, कहा-कामकाज में डाल रहे हैं बाधा

मध्यप्रदेश सिया (SEIAA) में प्रशासनिक खींचतान का मामला सामने आया है। अध्यक्ष शिवनारायण सिंह चौहान ने अपर मुख्य सचिव अनिरुद्ध मुखर्जी पर स्टाफ के तबादलों और कामकाज में हस्तक्षेप के आरोप लगाते हुए मुख्य सचिव और केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को पत्र लिखा है। सिया में करीब 200 मामले लंबित हैं, जबकि 237 ड्रीम्ड अनुमतियों का भी निराकरण किया जाना है।
SEIAA में टकराव: अब अपर मुख्य सचिव के खिलाफ अध्यक्ष ने खोला मोर्चा, कहा-कामकाज में डाल रहे हैं बाधा
फाइल फोटो

अशोक गौतम, भोपाल। मध्यप्रदेश स्टेट एनवायरनमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी (SEIAA) में प्रशासनिक खींचतान थमने का नाम नहीं ले रही है। तत्कालीन कार्यपालिक निदेशक उमा महेश्वरी के बाद अब पर्यावरण विभाग के अपर मुख्य सचिव अनिरुद्ध मुखर्जी और सिया के अध्यक्ष शिवनारायण सिंह चौहान के बीच टकराव सामने आया है। अध्यक्ष चौहान ने मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल और केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को पत्र लिखकर अपर मुख्य सचिव पर सिया के कामकाज में बाधा डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले में हस्तक्षेप कर व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

बार-बार तबादले से हो रहा काम प्रभावित

अध्यक्ष का आरोप है कि सिया के कार्यालयीन स्टाफ का बार-बार तबादला किए जाने से काम प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों पर कामकाज को सीमित रखने का दबाव बनाया जाता है और ऐसा नहीं करने पर उन्हें हटाने की धमकी दी जाती है। कुछ कर्मचारियों को हटाए जाने का आरोप भी पत्र में लगाया गया है। चौहान ने इसे अनुचित बताते हुए इस तरह के हस्तक्षेप पर अंकुश लगाने की मांग की है। उन्होंने अपर मुख्य सचिव को भी पत्र लिखकर कार्यप्रणाली में हस्तक्षेप नहीं करने की सलाह दी है।

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200 मामले लंबित, 237 अनुमतियों पर सुनवाई का दबाव 

सिया के सामने लंबित प्रकरणों के निपटारे की बड़ी चुनौती है। वर्तमान में करीब 200 मामले लंबित बताए जा रहे हैं। इसके अलावा तत्कालीन सदस्य सचिव उमा महेश्वरी के कार्यकाल में 45 दिन से अधिक समय तक सुनवाई नहीं होने के कारण 237 प्रकरणों में दी गई कथित ड्रीम्ड अनुमतियों को लेकर भी मामला महत्वपूर्ण है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार इन प्रकरणों की सुनवाई कर उनका निराकरण सिया को करना है। ऐसे में प्रशासनिक खींचतान का असर लंबित मामलों के निपटारे पर पड़ने की आशंका है।

16 महीने में चार आईएएस बदले

सिया के गठन के बाद से ही अधिकारियों की पदस्थापना और कार्यप्रणाली को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। ड्रीम्ड अनुमतियों के मामले में अध्यक्ष ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद सरकार ने तत्कालीन प्रमुख सचिव डॉ.नवनीत मोहन कोठारी और सदस्य सचिव उमा महेश्वरी को हटा दिया था। बाद में दीपक आर्य, अमनबीर सिंह और अन्य अधिकारियों को अलग-अलग समय पर जिम्मेदारी दी गई। दीपक आर्य को दोबारा प्रभार भी सौंपा गया। इसके बाद सुधीर कोचर और फिर हर्षल पंचोली को पदस्थ किया गया। पंचोली के चुनाव ड्यूटी पर होने के कारण सदस्य सचिव का प्रभार संचालक, युवा एवं खेल कल्याण विभाग अजय श्रीवास्तव को दिया गया है।

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राज्य और भारत सरकार को सूचना दी है

सिया चेयरमैन शिवनारायण सिंह चौहान ने कहा कि अपर मुख्य सचिव अनिरुद्ध मुखर्जी द्वारा स्टाफ का बार-बार स्थानांतरण करना, कर्मचारियों को काम नहीं करने देना और कर्मचारियों को नौकरी से निकाल देना और शेष कर्मचारियों को निकालने की धमकी देने के संबंध में सरकार और भारत सरकार को पत्र लिखा है। इसके साथ ही इस तरह के कार्यों को नहीं करने के संबंध में मुखर्जी को भी सलाह दी गई है। इसके साथ ही इस संबंध में भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भी इस संबंध में अवगत कराया गया है। ऐसी स्थिति में भी सिया के मामलों का निराकरण किया जा रहा है, किया जाएगा। इस संबंध में एसीएस अनिरुद्ध मुखर्जी से संपर्क का प्रयास किया गया लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ मिलता रहा। वाट्सऐप पर मैसेज करने पर  उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। 

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By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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