पानी की टंकी बनी मौत का कारण! जहरीली गैस से 4 छात्रों की मौत, गुरुकुल की मान्यता पर सवाल

मथुरा। वृंदावन के चैतन्य विहार इलाके में मंगलवार शाम संस्कृत गुरुकुल परिसर में दर्दनाक हादसा हुआ। यहां भूमिगत पानी की टंकी से दुर्गंध आने के बाद उसकी सफाई के लिए छात्रों को अंदर भेजा गया था। एक छात्र के बेहोश होने के बाद उसे बचाने के लिए चार अन्य छात्र भी टंकी में उतर गए। कुछ देर बाद सभी छात्र बेहोश हो गए। उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चार छात्रों को मृत घोषित कर दिया गया। एक छात्र का इलाज जारी है। प्रशासन को आशंका है कि टंकी में जहरीली गैस मौजूद थी।
दुर्गंध के बाद टंकी साफ करने पहुंचे छात्र
गुरुकुल परिसर में बनी भूमिगत पानी की टंकी से अचानक तेज बदबू आने लगी थी। इसके बाद टंकी की सफाई करने का फैसला लिया गया। पहले मोटर की मदद से पानी बाहर निकाला गया। टंकी में कुछ पानी बचने के बाद छात्र सफाई के लिए अंदर उतरने लगे। प्रशासन के मुताबिक टंकी करीब 12 से 14 फीट गहरी थी।
एक छात्र बेहोश हुआ, फिर चार और उतरे
बताया गया कि सबसे पहले एक छात्र टंकी के अंदर गया, लेकिन कुछ ही समय में वह बेहोश हो गया। उसे बाहर निकालने की कोशिश में चार और छात्र अंदर चले गए। इसके बाद वे भी बेहोश हो गए। परिसर में मौजूद लोगों ने सभी छात्रों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। इस हादसे में चार छात्रों की जान चली गई, जबकि एक छात्र की हालत गंभीर बताई गई है।
मृत छात्रों की हुई पहचान
पुलिस के अनुसार मृत छात्रों की उम्र 17 से 20 वर्ष के बीच थी। मृतकों की पहचान मोनू कटारे, देवांश, विशु और आर्य के रूप में बताई गई है। घायल छात्र की पहचान रुद्राक्ष के रूप में हुई है। उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। अधिकारियों के मुताबिक छात्र होश में था और बातचीत कर रहा था।
जहरीली गैस बनी हादसे की वजह?
प्रशासन की शुरुआती जांच में टंकी के अंदर जहरीली गैस होने की आशंका जताई गई है। हालांकि गैस की सही वजह और प्रकृति की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। ऐसे बंद और गहरे स्थानों में ऑक्सीजन की कमी या जहरीली गैस जमा होना जानलेवा हो सकता है।
गुरुकुल की मान्यता पर भी जांच
हादसे के बाद गुरुकुल के संचालन और मान्यता को लेकर भी सवाल उठे हैं। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह के अनुसार, संस्थान में करीब 200 बच्चे पंजीकृत हैं, जबकि लगभग 100 बच्चे परिसर में रह रहे थे। प्रशासन अब यह पता लगाएगा कि गुरुकुल को जरूरी मान्यता मिली थी या नहीं और वहां बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम थे।
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मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
जिलाधिकारी ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराने की बात कही है। जांच में हादसे की वजह, सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों को टंकी में उतारने की परिस्थितियों को देखा जाएगा। पुलिस सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है। प्रशासन ने भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए अन्य गुरुकुलों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराने की बात कही है।




















