🌤️
--Bhopal, India

PlayBreaking News

Durg Bhilai:BSP स्क्रैप चोरी केस में पूर्व GM को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने दी जमानत

250 टन लोहा चोरी और फ्लू डस्ट परिवहन मामले में 9 जुलाई से जेल में थे हिमांशु भूषण मलिक,भिलाई स्टील प्लांट के ब्लास्ट फर्नेस से कथित तौर पर 250 टन लोहा चोरी और फ्लू डस्ट के अवैध परिवहन से जुड़े मामले में पूर्व GM हिमांशु भूषण मलिक को जमानत मिल गई है। हाईकोर्ट ने केस डायरी, दोनों पक्षों की दलीलों और मामले की मौजूदा स्थिति को देखते हुए उन्हें राहत दी।
Follow on Google News
BSP स्क्रैप चोरी केस में पूर्व GM को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने दी जमानत

दुर्ग-भिलाई: भिलाई के चर्चित स्क्रैप चोरी और फ्लू डस्ट अवैध परिवहन मामले में पूर्व जनरल मैनेजर हिमांशु भूषण मलिक को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की अदालत ने 10 अगस्त को उनकी पहली जमानत याचिका मंजूर कर दी। मलिक को पुरानी भिलाई पुलिस ने 9 जुलाई को गिरफ्तार किया था और तब से वे जेल में थे।

यह भी देखें: Raipur: रायपुर के होटल में युवती की लाश, युवक गंभीर हालत में मिला, टल के कमरे में खौफनाक मंजर, पुलिस और FSL ने शुरू की जांच

स्क्रैप चोरी केस में पूर्व GM को राहत

भिलाई स्टील प्लांट के ब्लास्ट फर्नेस से कथित तौर पर 250 टन लोहा चोरी और फ्लू डस्ट के अवैध परिवहन से जुड़े मामले में पूर्व GM हिमांशु भूषण मलिक को जमानत मिल गई है। हाईकोर्ट ने केस डायरी, दोनों पक्षों की दलीलों और मामले की मौजूदा स्थिति को देखते हुए उन्हें राहत दी।

दो ट्रकों से शुरू हुई थी जांच

मामले की शुरुआत दो ट्रकों से फ्लू डस्ट ले जाने की शिकायत से हुई थी। पुलिस के मुताबिक, ट्रक क्रमांक CG-04-QT-8797 और CG-08-AW-1475 से BSP के ब्लास्ट फर्नेस विभाग से फ्लू डस्ट ले जाने की बात सामने आई। जांच आगे बढ़ी तो ट्रकों में मौजूद कुछ फेरस स्क्रैप के BSP की संपत्ति होने का संदेह हुआ।

यह भी देखें: Raipur: छत्तीसगढ़ की मस्जिदों-मदरसों में राष्ट्रगीत का निर्देश, वक्फ बोर्ड अध्यक्ष का सख्त संदेश‘वंदे मातरम् नहीं गाने वालों को पाकिस्तान चले जाना चाहिए’

जांच का दायरा बढ़ा, स्क्रैप यार्ड तक पहुंची पुलिस

फ्लू डस्ट परिवहन की जांच के दौरान पुलिस को स्क्रैप चोरी और कथित हेराफेरी से जुड़े इनपुट मिले। इसके बाद जांच स्क्रैप यार्ड की गतिविधियों तक पहुंची। पुलिस ने मामले में कई लोगों की भूमिका की जांच की और कथित मास्टरमाइंड संजय सिंह समेत 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

यार्ड की निगरानी पर मलिक से पूछताछ

पुलिस के अनुसार, हिमांशु भूषण मलिक स्क्रैप यार्ड के संचालन और निगरानी से जुड़े थे। उनके जिम्मे यार्ड की निगरानी और स्क्रैप स्टॉक का रिकॉर्ड बनाए रखने की जिम्मेदारी थी। आरोप है कि स्टॉक रिकॉर्ड में लापरवाही हुई और यार्ड की निगरानी प्रभावी तरीके से नहीं की गई, जिससे कथित चोरी और हेराफेरी का रास्ता आसान हुआ।

यह भी देखें: हवाला चैनल से एक करोड़ से ज्यादा की रिश्वत केस  में CSP भी घेरे में,  दो पुलिसकर्मी लाइन अटैच

FIR में नाम नहीं, सह-आरोपी के बयान पर सवाल

हाईकोर्ट में बचाव पक्ष ने मलिक के खिलाफ लगाए गए आरोपों को चुनौती दी। अधिवक्ता ने दलील दी कि FIR में मलिक का नाम दर्ज नहीं है। उनके खिलाफ मुख्य आधार सह-आरोपी का मेमो बयान है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि करने वाला ठोस साक्ष्य सामने नहीं है।

CISF की सुरक्षा जिम्मेदारी का दिया हवाला

बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि मलिक की भूमिका स्क्रैप यार्ड की निगरानी तक सीमित थी, जबकि BSP की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी CISF के पास थी। ऐसे में केवल निगरानी में कथित लापरवाही को चोरी में प्रत्यक्ष संलिप्तता नहीं माना जा सकता।

यह भी देखें: Rajnandgaon: राजनांदगांव में ED का बड़ा एक्शन: नाहटा ग्रुप के 3 ठिकानों पर ED की दबिश

जांच में सहयोग का भी दावा

बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि मलिक जांच में सहयोग कर रहे थे और आवश्यकता पड़ने पर जांच अधिकारी के समक्ष पेश हुए। गिरफ्तारी के समय जरूरी कानूनी प्रक्रिया के पालन पर भी बचाव पक्ष ने सवाल उठाए।

राज्य ने जमानत का किया विरोध

राज्य की ओर से जमानत याचिका का विरोध किया गया। अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता और आरोपों को देखते हुए राहत नहीं देने की मांग की। हालांकि, अदालत ने केस डायरी और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद जमानत मंजूर कर दी।

यह भी देखें: Bilaspur: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला,दूसरी शादी से जन्मा बेटा भी अनुकंपा नियुक्ति का हकदार

चार्जशीट पेश होने का भी मिला फायदा

हाईकोर्ट ने आदेश में यह भी ध्यान दिया कि मलिक का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। मामले में चार्जशीट पहले ही कोर्ट में पेश की जा चुकी है और वे 9 जुलाई से हिरासत में हैं। अदालत ने यह भी माना कि ट्रायल पूरा होने में समय लग सकता है।

समानता के आधार पर भी मिली राहत

इसी मामले के एक सह-आरोपी को 4 अगस्त को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। इस परिस्थिति को देखते हुए अदालत ने हिमांशु भूषण मलिक को भी समानता के आधार पर जमानत का हकदार माना।

यह भी देखें: Raipur: Gen-Z के बाद अब BJP का फर्स्ट टाइम वोटर्स पर फोकस, छत्तीसगढ़ में युवा चेहरों को बड़ी जिम्मेदारी

जमानत के साथ कोर्ट ने लगाईं शर्तें

मलिक को दो स्थानीय जमानतदार और व्यक्तिगत बंधपत्र पेश करने के बाद रिहा किया जाएगा। उन्हें ट्रायल की तय तारीखों पर अदालत में उपस्थित रहना होगा। गवाहों की गवाही के दौरान अनावश्यक स्थगन की मांग नहीं कर सकेंगे। आरोप तय होने और अदालत में बयान दर्ज होने जैसी महत्वपूर्ण तारीखों पर उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य रहेगी।

PREM

मै People's Updates रायपुर,छग में CHIEF EDITOR के पद में कार्यरत हूँ।अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत...Read More

icon

Latest Posts