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ITR फाइल नहीं की! अब लगेगा एक हजार से पांच हजार रुपए तक जुर्माना, बिजनेस का ऑडिट जरूरी नहीं तो मिलेगी एक महीने की छूट

आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तारीख आज है। समय पर रिटर्न दाखिल नहीं करने पर आय के अनुसार 1,000 से 5,000 रुपए तक का जुर्माना लग सकता है। इसके अलावा ब्याज, रिफंड में देरी और गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई तक का सामना करना पड़ सकता है।
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 अब लगेगा एक हजार से पांच हजार रुपए तक जुर्माना, बिजनेस का ऑडिट जरूरी नहीं तो मिलेगी एक महीने की छूट
फाइल फोटो

बिजनेस डेस्क। अगर आपने अभी तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल नहीं किया है, तो अब और देर न करें। आज आईटीआर फाइल करने की अंतिम तारीख है। तय समय सीमा के भीतर रिटर्न जमा नहीं करने पर आयकर विभाग की ओर से जुर्माना लगाया जा सकता है। इसलिए अंतिम समय का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द रिटर्न दाखिल करना जरूरी है।

5.5 करोड़ से ज्यादा लोगों ने किया रिटर्न दाखिल 

आयकर विभाग लगातार सोशल मीडिया और पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर संदेश भेजकर करदाताओं को जागरूक कर रहा है। विभाग के अनुसार आकलन वर्ष 2026-27 के लिए अब तक 5.5 करोड़ से अधिक लोग आईटीआर दाखिल कर चुके हैं। इनमें केवल 30 जुलाई को ही करीब 42 लाख रिटर्न दाखिल किए गए, जो अंतिम समय में बढ़ी सक्रियता को दर्शाता है।

देरी होने पर लगेगा जुर्माना और ब्याज 

भोपाल के सीनियर सीए राजेश जैन ने बताया कि आयकर अधिनियम की धारा 234F के तहत समय सीमा के बाद आईटीआर दाखिल करने पर जुर्माना देना पड़ सकता है। जिन करदाताओं की वार्षिक आय 5 लाख रुपए या उससे अधिक है, उन्हें अधिकतम 5,000 रुपए तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। वहीं 5 लाख रुपए से कम आय वालों के लिए यह राशि 1,000 रुपए निर्धारित है। यदि टैक्स बकाया है तो धारा 234A के तहत प्रति माह 1 प्रतिशत की दर से ब्याज भी देना होगा।

रिफंड में देरी और अन्य नुकसान भी संभव 

समय पर आईटीआर दाखिल नहीं करने का असर केवल जुर्माने तक सीमित नहीं रहता। विलंब से दाखिल किए गए रिटर्न की प्रोसेसिंग में अधिक समय लग सकता है, जिससे टैक्स रिफंड मिलने में भी देरी हो सकती है। इससे करदाताओं को वित्तीय असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

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गलत जानकारी देने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई 

आयकर विभाग ने स्पष्ट किया है कि आईटीआर में गलत जानकारी देना या जानबूझकर आय छिपाना गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में आर्थिक दंड के साथ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। गंभीर टैक्स चोरी के मामलों में तीन महीने से लेकर दो वर्ष तक की जेल का भी प्रावधान है।

जिनके खातों का ऑडिट नहीं उनके लिए 31 अगस्त डेडलाइन  

इस साल कुछ टैक्सपेयर्स को राहत दी गई है। जिन लोगों की इनकम बिजनेस या प्रोफेशन से होती है, लेकिन उनके खातों का ऑडिट जरूरी नहीं है, वे 31 अगस्त 2026 तक रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। इसमें ऐसे कारोबारी, फ्रीलांसर, कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले प्रोफेशनल और गैर-ऑडिट फर्मों के पार्टनर शामिल हैं।

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 31 अक्टूबर की डेडलाइन इनके लिए..

जिन कंपनियों या टैक्सपेयर्स का टैक्स ऑडिट जरूरी है, उनके लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 है। वहीं, जिन मामलों में ट्रांसफर प्राइ‌सिंग रिपोर्ट लागू होती है, उनके लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2026 है।

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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