हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को भारी बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन और अचानक बाढ़ की घटनाएं हुईं। मकान ढहने से पांच लोगों की मौत हो गई और 4 राष्ट्रीय राजमार्गों सहित 1,300 से ज्यादा सड़कें बंद हो गईं।
कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और किन्नौर जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट। ऊना और बिलासपुर में येलो अलर्ट।
सोलन जिले के समलोह गांव में मकान ढहने से एक महिला हेमलता की मौत। कुल्लू के ढालपुर में मकान गिरा, मलबे से महिला और पुरुष को निकाला गया, महिला की बाद में मौत।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल को आपदा प्रभावित राज्य घोषित किया। पूरी तरह क्षतिग्रस्त घरों के लिए 7 लाख रुपए, घर का सामान नष्ट होने पर 70 हजार रुपए। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लिए 1 लाख रुपए की सहायता।
शिमला में लगातार बारिश से भूस्खलन की आशंका। सभी सरकारी-निजी स्कूल, कोचिंग और नर्सिंग संस्थान बुधवार को बंद रहेंगे। ऑनलाइन क्लासेस की व्यवस्था की गई।
मंडी में 282, शिमला में 255, चंबा में 239, कुल्लू में 205 और सिरमौर में 140 सड़कें बंद। NH-3, NH-305, NH-5, NH-21, NH-505 और NH-707 समेत कई हाईवे अवरुद्ध। शिमला-कालका रेलमार्ग पर भूस्खलन के कारण 5 सितंबर तक ट्रेनें रद्द।
आंतरिक इलाकों में सड़कें बंद होने से किसान अपनी सेब की फसल बाजार नहीं भेज पा रहे। परिवहन बंद होने से यात्रियों को भी भारी परेशानी।
चंबा में फंसे लगभग 5,000 मणिमहेश तीर्थयात्री घर भेजे जा रहे हैं। यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक 16 तीर्थयात्रियों की मौत।
नैना देवी में 198.2 मिमी, मनाली में 89 मिमी, रोहड़ू में 80 मिमी, मंडी में 78.2 मिमी बारिश दर्ज। अन्य जगहों पर भी लगातार तेज बारिश जारी।
इस मानसून में अब तक बारिश और हादसों से 340 लोगों की मौत, 41 लापता। 3,158 करोड़ रुपए का नुकसान। 20 जून से अब तक 95 बार अचानक बाढ़, 45 बादल फटने और 115 भूस्खलन की घटनाएं दर्ज।